इनकम टैक्स में 12 लाख रुपये तक की छूट भले ही मिल गई हो, लेकिन छोटे-बड़े तमाम ऐसे टैक्स हैं जो आम आदमी की जेब हर रोज काटते हैं। बाहर कुछ खाने-पीने से लेकर खरीदारी तक, लोगों को कुछ न कुछ पैसा बतौर टैक्स भरना पड़ता है। अब एटीएम से अपना पैसा निकालने पर भी जेब ज्यादा ढीली करने का प्रबंध कर दिया गया है। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ATM विड्रॉल फीस में बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में एटीएम से पैसा निकालना भी महंगा हो गया है.
ग्राहकों पर दोतरफा मार
RBI के नोटिफिकेशन के अनुसार, 1 मई से ग्राहकों को मंथली फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट पार करने पर प्रत्येक ट्रांजेक्शन के लिए अतिरिक्त 2 रुपए का भुगतान करना होगा। इस तरह यह चार्ज बढ़कर अब 23 रुपए हो गया है। बात केवल इतनी ही नहीं, RBI ने इंटरचेंज फीस भी 2 रुपए बढ़ाई है, अब हर ट्रांजेक्शन पर 19 रुपए इंटरचेंज चार्ज देना होगा। किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकाने पर पहले 17 रुपये शुल्क देना पड़ता था, लेकिन 1 मई से यह शुल्क बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा। यानी बैंक ग्राहकों पर दोतरफा मार पड़ी है।
सोशल मीडिया पर नाराजगी
आरबीआई के इस फैसले से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अपना ही पैसा निकालने के लिए अब ज्यादा पैसा खर्चा करना पड़ेगा। सोशल मीडिया पर लोग शब्दों में अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। विजडम हैच के संस्थापक और निवेशक अक्षत श्रीवास्तव ने RBI के इस पर सवाल उठाते हुए देश में बढ़ते टैक्स पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह से टैक्स बढ़ता रहा, तो हम जल्द ही सेंसलेस इकोनॉमी बन जाएंगे। अक्षत के ट्वीट पर काफी लोगों ने कमेंट करके उनकी बातों पर सहमति जताई है।
Pay direct tax= 30%
Pay indirect tax= 18%
Pay ATM tax = Rs 19 per transaction.---विज्ञापन---Want to send money abroad? Bank will screw you on Fx by at least 1-1.5%
We are quickly becoming one of the most senseless economies out there. pic.twitter.com/cct1SIvcVG
— Akshat Shrivastava (@Akshat_World) March 28, 2025
टैक्स ही टैक्स, कब तक?
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि हम 30% डायरेक्ट टैक्स, 18% इनडायरेक्ट टैक्स का भुगतान करते हैं और अब अब ATM से पैसे निकालने पर भी टैक्स। श्रीवास्तव ने आगे लिखा है कि यदि आप विदेश पैसा भेजना चाहते हैं, तो बैंक विदेशी मुद्रा ट्रांसफर पर 1-1.5% कमीशन वसूलते हैं। हम तेजी से सेंसलैस इकोनॉमी की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। बता दें कि बैंक कई ऐसे शुल्क भी ग्राहकों से लेते हैं, जिनके बारे में अधिकांश लोगों को कोई जानकारी नहीं होती। आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा ने हाल ही में यह मुद्दा संसद में उठाया था।
यहां भी बढ़ा शुल्क
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बैंकों को एटीएम से पैसा निकालने पर वसूले जाने वाले शुल्क को 2 रुपये बढ़ाने को मंजूरी दी है और यह बदलाव 1 मई से अमल में आ जाएगा। निर्धारित फ्री ट्रांजेक्शन सीमा खत्म होने के बाद एटीएम से पैसा निकालने पर अब 23 रुपये का शुक्ल देना होगा। वहीं, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के 13 मार्च के सर्कुलर में कहा गया था कि बैलेंस इंक्वायरी जैसी गैर-वित्तीय ATM सेवाओं पर भी अब 7 रुपये का शुल्क लगेगा। यानी बैंक ग्राहकों की जेब ज्यादा ढीली करने की पूरी तैयारी है।
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