Nitin Arora
Read More
---विज्ञापन---
APSEZ Filing: अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) की तरफ से कहा गया कि उसके सितंबर वॉल्यूम में साल-दर-साल मजबूत वृद्धि देखी गई है। कहा कि सितंबर में इसका कार्गो वॉल्यूम 26.1 एमएमटी तक पहुंच गया, जो साल-दर-साल 13 फीसदी की वृद्धि है।
अभी पढ़ें – Tata Motors vs Maruti vs M&M: इस फेस्टिव सीजन में आपको कौन सा स्टॉक खरीदना चाहिए?
कंपनी ने एक फाइलिंग में कहा, ‘यह मात्रा में उछाल एक विस्तारित मानसून के बावजूद है जिसने कोयले की मांग / आयात पर प्रतिकूल प्रभाव डाला और महीने की शुरुआत में लगाए गए चावल निर्यात पर प्रतिबंध / उच्च शुल्क लगाया।’
कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 23 के पहले छह महीनों में, APSEZ ने 177.5 MMT कार्गो का प्रबंधन किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। वहीं औसत मासिक कार्गो 350-360 एमएमटी की वार्षिक निर्देशित सीमा के साथ अच्छी तरह मेल खा रहा है।
FY23 की पहली छमाही के दौरान, कृष्णापट्टनम (+13 प्रतिशत), गंगावरम (+9 प्रतिशत) और कट्टुपल्ली और एन्नोर संयुक्त (+51 प्रतिशत) द्वारा संचालित, पूर्वी तट की मात्रा सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़ी। जब पश्चिमी तट की बात आती है, तो मुंद्रा (8 प्रतिशत), दहेज (65 प्रतिशत), टूना (19 प्रतिशत) और गोवा (22 प्रतिशत) द्वारा संचालित मात्रा में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
अभी पढ़ें – Tata Motors shares: चार सत्रों के बाद टाटा मोटर्स के शेयरों में गिरावट, अब आगे क्या?
बता दें कि कंपनी ने ULIP पर डेटा के लिए एक गैर-प्रकटीकरण समझौते (एनडीए) पर हस्ताक्षर किए। यूलिप या यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म, जिसे 17 सितंबर को राष्ट्रीय रसद नीति (एनएलपी) के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था, यह रसद क्षेत्र में एक पहल है जिसका उद्देश्य रसद क्षेत्र में व्यापार को आसान बनाना है। रसद प्रक्रियाओं, इसकी दक्षता में सुधार, पारदर्शिता और दृश्यता लाने और रसद लागत और समय को कम करना है।
अभी पढ़ें – बिजनेस से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
न्यूज 24 पर पढ़ें बिजनेस, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।