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Explainer: पहली बार कब पेश हुआ था Budget, क‍ितनी म‍िली थी टैक्‍स छूट; 90% लोगों को नहीं पता

भारत में बजट का इतिहास काफी पुराना है. इसे दो हिस्सों में देखा जा सकता है. आजादी से पहले और आजादी के बाद. देश का पहला बजट और टैक्स के नियम आज के मुकाबले बहुत अलग थे. आइये आपको बताते हैं क‍ि भारत का पहला बजट कब और क‍िसने पेश क‍िया था. उस वक्‍त क‍ितनी सैलरी वालों को टैक्‍स से राहत दी गई थी?

Author Written By: Vandana Bharti Updated: Jan 20, 2026 13:11
budget पहली बार 1860 में पेश क‍िया गया था

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट (Union Budget 2026) पेश कर रहने जा रही है. साल 2026 में पेश होने जा रहा यह केंद्रीय बजट स्वतंत्र भारत का 94वां बजट (94th Union Budget) होगा. स्वतंत्र भारत का पहला बजट, 26 नवंबर 1947 को आर. के. षणमुखम चेट्टी ने पेश क‍िया था. लेक‍िन कम लोगों को ये पता है क‍ि आजादी से पहले भी भारत में बजट पेश क‍िया गया था. जी हां साल 1860 में आजादी से भी पहले भारत का पहला बजट पेश क‍िया गया, ज‍िसे जेम्स विल्सन ने पेश क‍िया था, जो एक स्कॉटिश थे.

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तब और अब में काफी अंतर आ चुका है. उस वक्‍त इनकम टैक्‍स लगाए जाने को लेकर खूब व‍िवाद हुआ था. आइये आपको बताते हैं क‍ि पहली बार जब देश में बजट पेश हुआ, तब क‍ितनी आय वालों को टैक्‍स से राहत दी गई थी.

भारत का सबसे पहला बजट (अंग्रेजों के समय)

भारत का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को स्कॉटिश अर्थशास्त्री और राजनेता जेम्स विल्सन (James Wilson) ने पेश क‍िया था. विल्सन ‘द इकोनॉमिस्ट’ मैगजीन और ‘स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक’ के संस्थापक भी थे. सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद ब्रिटिश शासन को हुए भारी वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए पहली बार ‘इनकम टैक्स’ की अवधारणा पेश की गई थी.

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क‍ितनी आय वालों को म‍िली थी टैक्स छूट:
सन 1860 में उस समय नियम बनाया गया था कि जिन लोगों की सालाना आय 200 रुपये से कम है, उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा. लेक‍िन आय अगर 200 से 500 रुपये के बीच है तो उन्‍हें 2% और 500 से ऊपर की आय है तो 4% टैक्स देना होगा.

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स्वतंत्र भारत का पहला बजट
आजादी म‍िलने के बाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश क‍िया गया. इस बजट को देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. षणमुखम चेट्टी (R. K. Shanmukham Chetty) ने पेश क‍िया था. आजाद भारत का ये बजट केवल 7.5 महीनों (15 अगस्त 1947 से 31 मार्च 1948) के लिए एक ‘अंतरिम बजट’ था. इसमें कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया था. उस समय भारत का कुल बजट राजस्व केवल 171.15 करोड़ रुपये था.

टैक्स छूट का रोचक इतिहास
समय के साथ टैक्स छूट की सीमा में कैसे-कैसे बदलाव हुआ, आइये आपको बताते हैं:

  • 1950 (गणतंत्र भारत का पहला बजट): जॉन मथाई ने पेश किया. उस समय 1500 तक की आय टैक्स फ्री थी.
  • 1955-56: शादीशुदा और अविवाहित लोगों के लिए अलग-अलग छूट थी. शादीशुदा व्यक्ति के लिए 2000 और अविवाहित के लिए 1000 रुपये की सीमा तय थी.
  • 1970 के दशक: एक समय ऐसा भी था (1973-74) जब भारत में सबसे ऊंचे स्लैब पर टैक्स की दर 97.5% तक पहुंच गई थी.
  • 1985: राजीव गांधी सरकार ने शादीशुदा/अविवाहित का भेदभाव खत्म कर सभी के लिए एक समान टैक्स स्लैब लागू किया.

बजट से जुड़े कुछ और भी रोचक बातें:

  • बजट का समय: पहले बजट शाम 5:00 बजे पेश होता था. साल 2001 में यशवंत सिन्हा ने इसे बदलकर सुबह 11:00 बजे कर दिया.
  • भाषा: 1955 तक बजट केवल अंग्रेजी में आता था. इसके बाद इसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पेश किया जाने लगा.
  • ब्रीफकेस की विदाई: 2019 में निर्मला सीतारमण ने ‘ब्रीफकेस’ की परंपरा खत्म कर ‘बही-खाता’ (लाल कपड़े में लिपटा टैबलेट) पेश करना शुरू किया.

First published on: Jan 20, 2026 01:09 PM

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