---विज्ञापन---

बिजनेस

सेंसेक्स 1300 अंक टूटा, निफ्टी 23,816 के न‍िचले स्‍तर पर; निवेशकों को लगा 4 लाख करोड़ रुपये का झटका

हफ्ते के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मच गया। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने और कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ने निवेशकों के हाथ-पांव फुला दिए हैं। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर चला कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए।

Author
Written By: Vandana Bharti Updated: May 11, 2026 16:18
शेयर बाजार के ल‍िए आज ब्‍लैक मनडे रहा

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार सोमवार, 11 मई को लगातार तीसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ; कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच बाजार में हर तरफ बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 1,313 अंक, या 1.70% गिरकर 76,015.28 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 1.50% गिरकर 23,815.85 पर बंद हुआ। BSE 150 Midcap और 250 Smallcap इंडेक्स क्रमशः 1.26% और 0.96% गिरे।

BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के ₹473.5 लाख करोड़ से घटकर लगभग ₹469 लाख करोड़ रह गया, जिससे निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा का नुकसान हुआ। बेंचमार्क लगातार तीसरे सत्र में नीचे रहे हैं। मासिक आधार पर, अप्रैल में 7% की शानदार बढ़त के बाद, इस महीने वे नकारात्मक दायरे में फिसल गए हैं।

---विज्ञापन---

शेयर बाजार के ग‍िरने की क्‍या है वजह ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत की अपील
कुछ विशेषज्ञों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत की अपील का असर बाज़ार के मूड पर भी पड़ा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच, रविवार को प्रधानमंत्री ने भारतीयों से पेट्रोल, गैस, डीजल और ऐसी ही दूसरी चीजों का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करने और एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की।

ऐसा लगता है क‍ि आज बाजार पर ईरान संकट के न सुलझने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत की अपील का ज्‍यादा असर पड़ा है। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल, डीजल, सोना और यहां तक कि विदेश यात्रा पर भी खर्च कम करने की अपील की है। संक्षेप में कहें तो, यह बचत की एक अपील है।

---विज्ञापन---

कच्चे तेल में उबाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 4.32% उछलकर $105.7 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताने से होर्मुज स्‍ट्रेट में सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है।

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट:
डॉलर के मुकाबले रुपया टूटकर 95 के स्तर भी आगे न‍िकल गया है। कमजोर रुपया और महंगा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए डबल झटका साबित हो रहा है।

---विज्ञापन---

ग्लोबल मार्केट में सुस्ती:
जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे भारतीय बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ गया।

इन शेयरों की हुई सबसे ज्यादा पिटाई
ज्वेलरी स्टॉक्स (सबसे ज्यादा नुकसान):
टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स और सेनको गोल्ड के शेयर 7% से 11% तक टूट गए। पीएम मोदी की सोना न खरीदने वाली अपील का यहां बड़ा असर दिखा।

---विज्ञापन---

तेल कंपनियां: कच्चा तेल महंगा होने से IOC, BPCL और HPCL के शेयर 2.6% गिर गए।

एविएशन और होटल: इंडिगो 4% लुढ़का, वहीं इंडियन होटल्स और थॉमस कुक जैसे शेयरों में 5% तक की गिरावट आई।

---विज्ञापन---

गिरावट में भी हीरो बना हुंडई
बाजार की इस सुनामी के बीच हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai) के शेयर 2.6% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। कंपनी के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने और घरेलू-विदेशी मांग मजबूत होने से निवेशकों ने इसमें भरोसा जताया है। जानकारों का मानना है कि जब तक पश्चिमी एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में ऐसी ही अस्थिरता बनी रहेगी।

First published on: May 11, 2026 03:37 PM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.