सेंसेक्स 1300 अंक टूटा, निफ्टी 23,816 के न‍िचले स्‍तर पर; निवेशकों को लगा 4 लाख करोड़ रुपये का झटका

हफ्ते के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मच गया। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने और कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ने निवेशकों के हाथ-पांव फुला दिए हैं। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर चला कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए।

Indian Stock market crash.jpg

शेयर बाजार के ल‍िए आज ब्‍लैक मनडे रहा

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार सोमवार, 11 मई को लगातार तीसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ; कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच बाजार में हर तरफ बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 1,313 अंक, या 1.70% गिरकर 76,015.28 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 1.50% गिरकर 23,815.85 पर बंद हुआ। BSE 150 Midcap और 250 Smallcap इंडेक्स क्रमशः 1.26% और 0.96% गिरे।

विज्ञापन

BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के ₹473.5 लाख करोड़ से घटकर लगभग ₹469 लाख करोड़ रह गया, जिससे निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा का नुकसान हुआ। बेंचमार्क लगातार तीसरे सत्र में नीचे रहे हैं। मासिक आधार पर, अप्रैल में 7% की शानदार बढ़त के बाद, इस महीने वे नकारात्मक दायरे में फिसल गए हैं।

विज्ञापन

शेयर बाजार के ग‍िरने की क्‍या है वजह ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत की अपील
कुछ विशेषज्ञों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत की अपील का असर बाज़ार के मूड पर भी पड़ा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच, रविवार को प्रधानमंत्री ने भारतीयों से पेट्रोल, गैस, डीजल और ऐसी ही दूसरी चीजों का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करने और एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की।

ऐसा लगता है क‍ि आज बाजार पर ईरान संकट के न सुलझने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत की अपील का ज्‍यादा असर पड़ा है। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल, डीजल, सोना और यहां तक कि विदेश यात्रा पर भी खर्च कम करने की अपील की है। संक्षेप में कहें तो, यह बचत की एक अपील है।

विज्ञापन

कच्चे तेल में उबाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 4.32% उछलकर $105.7 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताने से होर्मुज स्‍ट्रेट में सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है।

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट:
डॉलर के मुकाबले रुपया टूटकर 95 के स्तर भी आगे न‍िकल गया है। कमजोर रुपया और महंगा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए डबल झटका साबित हो रहा है।

विज्ञापन

ग्लोबल मार्केट में सुस्ती:
जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे भारतीय बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ गया।

इन शेयरों की हुई सबसे ज्यादा पिटाई
ज्वेलरी स्टॉक्स (सबसे ज्यादा नुकसान):
टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स और सेनको गोल्ड के शेयर 7% से 11% तक टूट गए। पीएम मोदी की सोना न खरीदने वाली अपील का यहां बड़ा असर दिखा।

विज्ञापन

तेल कंपनियां: कच्चा तेल महंगा होने से IOC, BPCL और HPCL के शेयर 2.6% गिर गए।

एविएशन और होटल: इंडिगो 4% लुढ़का, वहीं इंडियन होटल्स और थॉमस कुक जैसे शेयरों में 5% तक की गिरावट आई।

विज्ञापन

गिरावट में भी हीरो बना हुंडई
बाजार की इस सुनामी के बीच हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai) के शेयर 2.6% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। कंपनी के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने और घरेलू-विदेशी मांग मजबूत होने से निवेशकों ने इसमें भरोसा जताया है। जानकारों का मानना है कि जब तक पश्चिमी एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में ऐसी ही अस्थिरता बनी रहेगी।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ