अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का असर हर तरफ नजर आ रहा है। दुनिया के अमीरों की रईसी भी टैरिफ से बुरी तरह प्रभावित हुई है। डोनाल्ड ट्रंप के ‘खास’ एलन मस्क से लेकर बिल गेट्स तक सबकी दौलत का पहाड़ कुछ कम हुआ है और आगे भी इसमें कमी आने की आशंका बनी हुई है। दरअसल, ट्रंप के टैरिफ और फिर चीन की जवाबी कार्रवाई से अधिकांश देशों के बाजारों में गिरावट आई है और इसके चलते अमीरों की दौलत भी घटी है।
13 सालों में ऐसा चौथी बार
ट्रंप टैरिफ की वजह से दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों को एक ही दिन में 208 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, ऐसा 13 सालों में चौथी बार हुआ है जब अमीरों को इतने बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। इससे पहले कोरोना महामारी के समय रईसों की दौलत का पहाड़ इतना ज्यादा दरका था। ट्रंप की टैरिफ नीतियों से 50% से अधिक अमीरों को नुकसान हुआ है और प्रत्येक अमीर की दौलत औसतन 3.3% प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा मार अमेरिकी अरबपतियों पर पड़ी है।
इन पर नहीं हुआ असर
कुछ अरबपति ऐसे भी रहे, जिनकी दौलत पर ट्रंप के टैरिफ का असर नहीं हुआ। इसमें मेक्सिको के कार्लोस स्लिम और डैन गिल्बर्ट भी शामिल रहे। दरअसल, मेक्सिको के शेयर बाजार में 0.5 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई और ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मेक्सिको को टैक्स में छूट दी गई थी। लेकिन बाद में कार्लोस स्लिम को 5.48 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, अमेरिका के रियल एस्टेट कारोबारी डैन गिल्बर्ट की अमीरी पिछले चौबीस घंटों में 1.91 अरब डॉलर बढ़ी है।
किसने, कितना गंवाया?
फेसबुक वाले मार्क जुकरबर्ग को गुरुवार को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। मेटा के शेयर 9 फीसदी गिर गए, जिससे उनकी दौलत 17.9 अरब डॉलर कम हो गई। इसी तरह, अमेजन के शेयर करीब 9% नीचे आए और कंपनी के फाउंडर जेफ बेजोस की नेटवर्थ 15.9 अरब डॉलर घट गई। अमेजन के शेयर फरवरी के मुकाबले 25% ज्यादा गिर चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी और टेस्ला के चीफ एलन मस्क को इस दौरान 11 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। इसकी वजह टेस्ला के शेयरों में आई गिरावट रही। बिल गेट्स ने भी 6 अरब डॉलर से अधिक गंवाए। वहीं, कारवाना कंपनी के CEO अर्नेस्ट गार्सिया III को 1.4 अरब डॉलर, शॉपिफाई के को-फाउंडर और CEO टोबी लुटके को 1.5 अरब डॉलर, LVMH के बर्नार्ड अरनॉल्ट को 6 अरब डॉलर और हुआली इंडस्ट्रियल ग्रुप कंपनी के फाउंडर झांग कोंगयुआन को 1.2 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, बाद में इन आंकड़ों में कुछ बदलाव भी हुआ।
चीन के जवाब से बिखरा बाजार
अमेरिका के टैरिफ का चीन ने भी जवाब दिया है। चीन ने अमेरिकी आयात पर 34% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इस खबर से अमेरिकी शेयर बाजार पूरी तरह बिखर गया। यूएस इंडेक्स डॉव जोन्स शुक्रवार को 2,231.07 अंक या 5.5% गिरकर 38,314.86 पर पहुंच गया, जो जून 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले गुरुवार को इसमें 1,679 अंकों की गिरावट आई थी और यह पहली बार है कि लगातार दो दिनों में इसमें 1,500 अंकों से अधिक की गिरावट आई है। एस&पी 500 भी 5.97% की भारी गिरावट के साथ 5,074.08 पर आ गया, जो मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। नैस्डैक कम्पोजिट में भी 5.82% की बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। वहीं, एशियाई बाजार भी दबाव में बने हुए हैं, जिससे अमीरों की दौलत भी कम हुई है।
रईस नंबर 1 की दौलत कितनी?
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के शेयर बीते कुछ समय में काफी नीचे आए हैं। शुक्रवार को यह 10.42% गिरकर 239.43 डॉलर पर बंद हुए। इस साल अब तक इसका भाव 36.87% कम हुआ है। इसकी वजह ट्रंप की नीतियों के साथ-साथ टेस्ला को लेकर बढ़ रहा विरोध है। दरअसल, मस्क की बयानबाजी और ट्रंप के सहयोगी के रूप में कामकाज को लेकर अमेरिका के साथ -साथ यूरोपीय देशों में उनके प्रति गुस्सा है। यह गुस्सा टेस्ला के विरोध के रूप में सामने आ रहा है। कंपनी के सेल्स फिगर लगातार नीचे आ रहे हैं। इस वजह से उसके शेयर लुढ़क रहे हैं और मस्क की दौलत भी। कुछ समय पहले तक मस्क 400 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक थे और अब यह 302 अरब डॉलर रह गई है। हालांकि, इसके बावजूद वह दुनिया के रईस नंबर 1 बने हुए हैं।
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