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Explainer : कॉपर ने तोड़ा 20 साल का र‍िकॉर्ड, न‍िवेशक उलझन में; क्‍या सोने को र‍िप्‍लेस कर सकता है Red Gold?

कॉपर (तांबा) की कीमतों में आई हालिया तेजी ने वाकई पूरी दुनिया के निवेशकों और इंडस्ट्री को चौंका दिया है. 20 साल का रिकॉर्ड टूटना कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन क्या यह सोने की जगह ले सकता है? आइये आपको आसान भाषा में समझाते हैं

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कॉपर की कीमतों ने प‍िछले 20 साल का र‍िकॉर्ड तोड़ द‍िया है. कॉपर में न‍िवेश करने वाले इंवेस्‍टर्स को जोरदार र‍िटर्न म‍िला है.

Gold Vs Copper: तांबे को डॉक्टर कॉपर कहा जाता है क्योंकि इसकी कीमतें अर्थव्यवस्था की सेहत बताती हैं. इसकी मौजूदा तेजी के 3 वजहों से है. पहली वजह है इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और AI की मांग. एक सामान्य कार के मुकाबले EV में 4 गुना ज्यादा कॉपर लगता है. साथ ही, AI के लिए बन रहे विशाल डेटा सेंटर्स में बिजली की सप्लाई के लिए भारी मात्रा में तांबे की जरूरत है. दूसरी वजह सप्लाई में कमी है. पनामा और पेरू जैसी जगहों पर बड़ी खदानें बंद होने या उत्पादन घटने से बाजार में तांबे की किल्लत हो गई है. और तीसरा कारण है ग्रीन एनर्जी की मांग. सोलर पैनल और विंड टर्बाइन बिना कॉपर के नहीं बन सकते.

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क्या कॉपर सोने को ‘रिप्लेस’ कर सकता है?

इसका जवाब है- नहीं, लेकिन यह सोने का एक बहुत मजबूत विकल्प (Alternative) जरूर बन रहा है. सोने को जहां सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में देखा जाता है, वहीं कॉपर को एक औद्योगिक धातु (Industrial Metal) कहा जाता है. सोने की कीमत का आधार अनिश्चितता और महंगाई होता है, वहीं कॉपर का दाम ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और डिमांड पर न‍िर्भर करता है. सोने को स्‍टोर करके रखना आसान (छोटा हिस्सा भी कीमती) है, लेक‍िन कॉपर को रखना मुश्किल है क्‍योंक‍ि ये बहुत ज्यादा जगह घेरता है.

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सोना एक एसेट क्लास है जिसे लोग संकट के समय के लिए बचाकर रखते हैं. वहीं, कॉपर एक ग्रोथ एसेट है, जिसकी कीमत तब बढ़ती है जब दुनिया में विकास और निर्माण तेजी से हो रहा हो. इसलिए, कॉपर सोने की जगह नहीं लेगा, बल्कि आपके पोर्टफोलियो में सोने के साथ एक जगह बना सकता है.

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निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
सोना आपकी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए है (Wealth Protection) और कॉपर आपकी पूंजी को बढ़ाने के लिए (Wealth Creation). दोनों की अपनी जगह है. अगर आप कॉपर में निवेश की सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

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वॉलेटिलिटी (उतार-चढ़ाव): कॉपर की कीमतें शेयर बाजार की तरह बहुत तेजी से गिर और बढ़ सकती हैं. सोने में यह उतार-चढ़ाव कम होता है.

लंबी अवधि: चूंकि पूरी दुनिया नेट जीरो और क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है, इसलिए अगले 10 साल में कॉपर की मांग बनी रहेगी.

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कैसे निवेश करें: आप सीधे तांबा खरीदने के बजाय MCX पर इसके फ्यूचर्स में या तांबा निकालने वाली कंपनियों जैसे हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में निवेश कर सकते हैं.

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शेयर बाजार में कौन सी ऐसी कंपनियां हैं जो कॉपर की इस तेजी का सबसे ज्यादा फायदा उठा रही हैं?

कॉपर (तांबा) की कीमतों में आई रिकॉर्ड तेजी का फायदा उन कंपनियों को सबसे ज्यादा मिलता है जो या तो तांबा निकालती हैं (Mining) या उसका इस्तेमाल करके बड़े प्रोडक्ट्स बनाती हैं. शेयर बाजार में इस समय इन 3 तरह की कंपनियों पर निवेशकों की नजर है:

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माइनिंग और प्रोडक्शन कंपनियां (सीधा फायदा)
ये कंपनियां जमीन से तांबा निकालती हैं. तांबे का भाव जितना बढ़ेगा, इनका मुनाफा उतना ही रॉकेट की तरह ऊपर जाएगा.

Hindustan Copper (हिन्दुस्तान कॉपर): यह भारत की एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसके पास अपनी खदानें (Mines) हैं. जब भी कॉपर का भाव बढ़ता है, इस शेयर में सबसे तेज हलचल होती है.

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Vedanta (वेदांत): इनके पास भी तांबे के उत्पादन का बड़ा पोर्टफोलियो है. हालांकि इनका स्टरलाइट प्लांट विवादों में रहा है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में इनकी पकड़ मजबूत है.

केबल और वायर बनाने वाली कंपनियां
तांबे की सबसे ज्यादा खपत बिजली के तारों और केबल्स में होती है. कॉपर के दाम बढ़ने पर ये कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा देती हैं, जिससे इनका मार्जिन सुधरता है.

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Polycab India (पॉलीकैब): यह भारत की सबसे बड़ी केबल और वायर कंपनी है. इंफ्रास्ट्रक्चर और घरों के निर्माण में तेजी से इन्हें सीधा लाभ मिल रहा है.

KEI Industries: केबल्स के क्षेत्र में यह एक और बड़ा नाम है, जो सरकारी और निजी दोनों प्रोजेक्ट्स पर काम करती है.

Finolex Cables: घरों में इस्तेमाल होने वाले वायर के लिए यह एक भरोसेमंद नाम है.

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (इनडायरेक्ट असर)
Havells India:
ये पंखे, एसी और स्विच गियर बनाते हैं, जिनमें कॉपर का भारी इस्तेमाल होता है. हालांकि कच्चे माल (कॉपर) के दाम बढ़ने से इनका खर्च बढ़ता है, लेकिन डिमांड ज्यादा होने के कारण ये अपना मुनाफा बचाने में सफल रहती हैं.

निवेशकों के लिए Risk Factor:
कॉपर के शेयरों में निवेश करते समय एक बात का ध्यान रखें क‍ि ये कमोडिटी स्टॉक कहलाते हैं. इसका मतलब है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे के दाम अचानक गिर गए, तो इन कंपनियों के शेयर भी उतनी ही तेजी से नीचे आ सकते हैं. अगर आप सुरक्षित चलना चाहते हैं, तो Hindustan Copper जैसी कंपनी पर नजर रख सकते हैं क्योंकि उनके पास अपनी खदानें हैं.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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