डिजिटल फ्रॉड पर 25000 रुपये का हर्जाना से लेकर बिना गारंटी MSME लोन की सीमा बढ़ाने तक, RBI MPC मीट‍िंंग की 10 बड़ी बातें

आरबीआई ने आज आम आदमी की सुरक्षा (फ्रॉड मुआवजा) और छोटे व्यापारियों (दोगुना लोन) को प्राथमिकता दी है, जबकि ब्याज दरों को स्थिर रखकर बाजार में संतुलन बनाए रखा है.

RBI top 10 faisle

आरबीआई ने ये 10 बड़े फैसले ल‍िए

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने 6 फरवरी को रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने का फैसला सर्वसम्मति से किया और अपना रुख न्यूट्रल रखा, साथ ही यह भी माना कि दिसंबर 2025 की मीटिंग के बाद से बाहरी चुनौतियां बढ़ गई हैं. यह फैसला कम महंगाई और मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए बजट उपायों और वॉशिंगटन के साथ ट्रेड डील के बाद अमेरिकी टैरिफ को लेकर कम हो रही चिंताओं के बीच आया है.

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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज आखिरी मौद्रिक नीति (MPC) के नतीजों में कौन सी 10 घोषणाएं कीं, यहां जानें

  1. रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं
    आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर ही बरकरार रखा है. इसका मतलब है कि फिलहाल आपके लोन की EMI नहीं घटेगी, लेकिन अच्छी बात यह है कि बैंक इसे बढ़ाएंगे भी नहीं.
  2. डिजिटल फ्रॉड पर 25,000 रुपये का हर्जाना
    ग्राहकों के लिए यह सबसे बड़ी राहत है. अगर आपके साथ कोई छोटा डिजिटल फ्रॉड (Online Fraud) होता है, तो आरबीआई ने एक नया फ्रेमवर्क बनाया है जिसके तहत आपको 25,000 तक का मुआवजा (Compensation) मिल सकेगा.
  3. बिना गारंटी MSME लोन की सीमा बढ़ी
    छोटे कारोबारियों (MSMEs) के लिए बड़ा ऐलान किया गया है. अब बिना किसी गारंटी (Collateral-free) के मिलने वाले लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है. अब आप बिना जमीन या जेवर गिरवी रखे दोगुना लोन ले सकेंगे.
  4. न्यूट्रल (Neutral) रुख बरकरार
    आरबीआई ने अपना रुख न्यूट्रल रखा है. इसका संकेत यह है कि भविष्य में अगर महंगाई कम रहती है, तो ब्याज दरों में कटौती (Rate Cut) के दरवाजे खुले हैं.
  5. GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ा
    भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 7.3% से बढ़ाकर 7.4% कर दिया है. भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है.
  6. महंगाई (Inflation) पर नियंत्रण
    दिसंबर में महंगाई दर 1.3% के निचले स्तर पर थी. आरबीआई ने पूरे साल (FY26) के लिए महंगाई का अनुमान 2.1% रखा है. हालांकि, अगले कुछ महीनों में यह बढ़कर 4% के आसपास जा सकती है, लेकिन यह आरबीआई के कम्फर्ट जोन में ही रहेगी.
  7. सोने-चांदी की कीमतों का असर
    गवर्नर ने खास तौर पर बताया कि हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में जो उतार-चढ़ाव आया है, उसका असर महंगाई के आंकड़ों पर पड़ा है, न कि खाने-पीने की चीजों का.
  8. बुजुर्गों के लिए एक्स्ट्रा सिक्योरिटी
    ऑनलाइन बैंकिंग में बुजुर्गों को ठगी से बचाने के लिए आरबीआई ‘एडिशनल ऑथेंटिकेशन’ (अतिरिक्त सुरक्षा लेयर) लाने की योजना बना रहा है.
  9. अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (UCB) को राहत
    शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए हाउसिंग लोन के नियमों को आसान बनाया गया है और बिना गारंटी वाले लोन की सीमा भी बढ़ाई गई है.
  10. रिकवरी एजेंटों पर नकेल
    लोन रिकवरी को लेकर आरबीआई सख्त हो गया है. बैंकों और रिकवरी एजेंटों द्वारा ग्राहकों को परेशान करने या गलत तरीके से वसूली करने को रोकने के लिए नई गाइडलाइंस (Draft Guidelines) जारी की जाएंगी.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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