सरकार बेटियों को पढ़ाने और बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है. राज्य सरकारें भी स्टेट लेवल पर कई योजनाएं चलाती हैं, जैसे कि यूपी में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलती है. इसी तरह हिमाचल प्रदेश की सरकार भी बेटी है अनुमोल योजना चला रही है, जिसमें बेटियों के जन्म पर सरकार 21000 रुपये की आर्थिक मदद देती है. इसका उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक (Graduation) तक आर्थिक सहायता प्रदान करना है ताकि उनकी पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित हो सके. आइये आपको बेटी है अनमोल योजना की पूरी जानकारी देते हैं और साथ ये भी बताते हैं कि आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं:
योजना के तहत दो चरणों में मिलता है पैसा:
जन्म के समय: बेटी के जन्म पर सरकार उसके नाम से 21,000 की नकद राशि बैंक या डाकघर खाते में जमा (FD) करती है. यह राशि बेटी के 18 वर्ष पूरे होने पर ब्याज सहित उसे मिलती है.
वार्षिक छात्रवृत्ति (Scholarship): कक्षा 1 से लेकर कॉलेज तक पढ़ाई के लिए सालाना पैसे मिलते हैं. कक्षा 1 से 3 तक हर साल 450 रुपये, कक्षा 4 में 750 रुपये प्रति वर्ष और कक्षा 6 से 10 तक हर साल 1,050 से 1,500 रुपये तक मिलते हैं. बच्ची के कक्षा 11 व 12वीं के लिए हर साल 2,250 रुपये और स्नातक जैसे B.A./B.Sc./MBBS आदि के लिए 5,000 प्रति वर्ष मिलता है.
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ ?
आवेदक हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए और परिवार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में होना चाहिए. एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इसका लाभ मिल सकता है. बेटी की शादी 18 वर्ष से पहले नहीं होनी चाहिए, वरना जमा राशि वापस सरकार के पास चली जाएगी.
आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
आप Himachal e-District पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. ऑफलाइन आवेदन करने के लिए आप अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या लोक मित्र केंद्र (Lokan Mitra Kendra) से फॉर्म लेकर भर सकते हैं.
इसके लिए बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, BPL प्रमाण पत्र, हिमाचली बोनाफाइड सर्टिफिकेट, आधार कार्ड (माता-पिता और बेटी का, यदि उपलब्ध हो), स्कूल के हेडमास्टर का पत्र (यदि बेटी स्कूल में पढ़ रही है) की जरूरत पड़ेगी.
यूपी वालों के लिए खास (Kanya Sumangala Yojana)
अगर आप उत्तर प्रदेश में इस तरह की योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो ‘कन्या सुमंगला योजना’ आपके लिए है. इसमें बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक कुल 25,000 (हाल ही में बढ़ाई गई राशि) अलग-अलग 6 चरणों में दिए जाते हैं.