केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी और काम की खबर आई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के नियमों में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है.
17 सितंबर 2026 को जारी नए ऑफिस मेमोरेंडम (OM) के तहत अब भौगोलिक पाबंदी (Geographical Criterion) को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. यानी अगर आपकी पोस्टिंग किसी ऐसे शहर या इलाके में भी है जहां CGHS कवर नहीं था, तब भी आप CGHS स्वास्थ्य सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं.
आइए, समझते हैं कि इस नए नियम से आपको क्या फायदा होगा, CGHS और CS(MA) में क्या फर्क है और इसके लिए क्या शर्तें रखी गई हैं.
पुराना नियम क्या था और अब क्या बदल गया?
पहले अगर किसी केंद्रीय कर्मचारी की पोस्टिंग या रिहाइश CGHS कवर्ड क्षेत्र से बाहर होती थी, तो वे CGHS के हकदार नहीं होते थे. उन्हें मजबूरन CS(MA) Rules 1944 के तहत ही अपना इलाज कराना पड़ता था.
अब सरकार ने एरिया या लोकेशन वाली शर्त को पूरी तरह से हटा दिया है. भले ही आप किसी दूर-दराज के इलाके में तैनात हों, आप वन-टाइम ऑप्शन (One-time Choice) चुनकर CGHS के लाभार्थी (Beneficiary) बन सकते हैं.
कर्मचारी के लिए क्या बदलेगा?
कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल होगा कि आखिर CS(MA) छोड़कर CGHS में आने का क्या फायदा है? आइए आसान शब्दों में समझें.
CS(MA) नियमों के तहत कैशलेस इलाज (Cashless Facility) की सुविधा उपलब्ध नहीं थी. पहले खुद पैसे दो, फिर बिल क्लेम करो. लेकिन अब CGHS स्कीम में पूरी तरह उपलब्ध है और एमपैनल्ड अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी.
वहीं CS(MA) में रीइम्बर्समेंट का झंझट है, जो लंबा और पेचीदा प्रोसेस है. वहीं CGHS में बहुत म झंझट है. सीधे पैनल अस्पतालों से इलाज पा सकते हैं.
इन 4 बातों का रखें ध्यान
- एक बार ही चुन सकते हैं: जो कर्मचारी CS(MA) के तहत हैं और CGHS में आना चाहते हैं, वे केवल एक बार यह विकल्प चुन सकते हैं. एक बार CGHS चुनने के बाद यह फैसला अंतिम और बाइंडिंग होगा.
- डबल बेनेफिट नहीं मिलेगा: कोई भी कर्मचारी या उनका परिवार एक ही समय पर CGHS और CS(MA) दोनों का फायदा नहीं ले सकता. इसके लिए एक अंडरटेकिंग (Undertaking) देनी होगी.
- टीए/डीए (TA/DA) नहीं मिलेगा: अगर आप CGHS वेलनेस सेंटर से दवाएं या इलाज लेने के लिए यात्रा करते हैं, तो उसका ट्रैवल अलाउंस नहीं मिलेगा.
- CGHS एरिया वालों के लिए कोई छूट नहीं: जो कर्मचारी पहले से ही CGHS कवर्ड एरिया (या जिला मुख्यालय जहां वेलनेस सेंटर है) में रह रहे हैं, उनके लिए CGHS जरूरी ही रहेगा. वे इससे बाहर नहीं निकल सकते, यानी Opt-out नहीं कर सकते.
बता दें कि अगर आप गैर-सीजीएचएस क्षेत्र में हैं और CGHS का विकल्प नहीं चुनते हैं, तो आप पहले की तरह CS(MA) Rules के तहत ही कवर रहेंगे.
संबंधित खबरें
उत्तर प्रदेश में लीज रजिस्ट्री हुई सस्ती, सरकार ने तय की फीस
1 hr ago62 पैसे की लंबी छलांग लगाकर 95.16 पर पहुंचा रुपया, जानें क्यों आई रिकवरी
1 hr agoदुनिया में मंदी, भारत में तेजी! IMF ने बढ़ाकर 7% किया देश की GDP का अनुमान
3 hrs ago16 Oct से बदलेगा CRR का नियम, आपकी EMI पर क्या असर होगा? जानें
5 hrs agoजंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट बैन से छोटे कारोबारियों की क्यों बढ़ी चिंता?
17 hrs agoसब्जियों की महंगाई से बढ़ा दबाव, सितंबर में 5.54% पर पहुंचा रिटेल इंफ्लेशन
19 hrs ago8वां वेतन आयोग एक्शन में, दशहरा के तुरंत बाद बुलाई बड़ी बैठक, सैलरी पर मंथन
19 hrs agoगांव की जमीन का पट्टा कैसे मिलेगा? पूरा प्रोसेस आसान भाषा में
22 hrs agoभारतीय रईसों से ज्यादा कमा रहे अमीर देशों के सबसे गरीब लोग - वर्ल्ड बैंक
1 day ago12 से 18 अक्टूबर तक कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? देखें पूरी लिस्ट
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines