अब बिना स्पीड कंट्रोलर नहीं बिकेंगे कमर्शियल वाहन, रजिस्ट्रेशन और फिटनेस पर भी लगेगी रोक

पिछले कुछ सालों में सड़क हादसों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, ऐसे में सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है. अब कमर्शियल व्हीकल में स्पीड लिमिटिंग डिवाइस लगाना जरूरी होगा, तभी गाड़ियों को फिटने सर्टिफिकेट मिलेगा और रजिस्ट्रेशन को रिन्यू किया जाएगा.

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कमर्शियल व्हीकल में स्पीड कंट्रोलर डिवाइस लगाना जरूरी (Photo-PTI)

Speed Limit Device: सड़कों पर तेज रफ्तार से होने वाले हादसों को रोकने के लिए सरकार ने कमर्शियल वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है. नए नियमों के तहत निर्धारित श्रेणी के सभी परिवहन वाहनों में स्पीड लिमिटिंग डिवाइस (SLD) या स्पीड लिमिटिंग फंक्शन (SLF) लगाना अनिवार्य होगा. इसके बिना न तो ऐसे वाहनों की बिक्री हो सकेगी और न ही उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. इस नियम का दायरा सिर्फ नए वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा. पहले से सड़कों पर चल रहे व्यावसायिक गाड़ियों को भी फिटनेस सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन के रिन्यूअल के दौरान स्पीड कंट्रोलर की जांच करानी होगी.

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने 15 सितंबर को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए थे. इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों को सर्कुलर जारी कर आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा. हिमाचल प्रदेश के परिवहन विभाग ने भी आरटीओ और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश भेजे हैं.

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वाहन पोर्टल पर दर्ज करनी होगी जानकारी

मंत्रालय ने 28 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को वाहन पोर्टल में जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिए थे. केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 118(1) के तहत आने वाले वाहनों में रजिस्ट्रेशन से पहले स्पीड कंट्रोलर लगाना जरूरी होगा. इसकी जानकारी पोर्टल पर दर्ज होने के बाद ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी.

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खराब डिवाइस पर भी होगी कार्रवाई

गाड़ियों में स्पीड कंट्रोलर लगा होना ही काफी नहीं होगा, बल्कि उसका सही तरीके से काम करना भी जरूरी है. फिटनेस जांच के दौरान इक्विपमेंट की स्थिति की पुष्टि की जाएगी. डिवाइस खराब होने पर उसे बदलना और नए उपकरण का प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य होगा.

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निर्माता और डीलर भी होंगे जवाबदेह

नियमों का उल्लंघन करने वाले व्हीकल मैन्युफैक्चरर और डीलर भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे. इसके अलावा वाहन पोर्टल के आंकड़ों के आधार पर हर महीने राज्य और जिलेवार अनुपालन रिपोर्ट जारी की जाएगी. सरकार का मकसद वाहन की बिक्री और रजिस्ट्रेशन के स्तर से ही ओवरस्पीडिंग पर कंट्रोल करना है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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