नई दिल्ली: भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने टूटे चावल के निर्यात (Broken Rice Export) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही चावल और ब्राउन राइस पर 20 फीसदी का निर्यात शुल्क लगाया गया है।

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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने कहा कि उसना चावल और बासमती चावल को छोड़कर अन्य किस्मों के निर्यात पर 20 फीसदी का सीमा शुल्क लगेगा। अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्यात शुल्क 9 सितंबर यानी आज से लागू हो गया है।

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दरअसल पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों में औसत से कम बारिश ने चावल के उत्पादन पर चिंता पैदा कर दी है। इससे चालू खरीफ सत्र में धान फसल का बुवाई रकबा काफी घट गया है।

ऐसे में घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। साथ ही स्थानीय कीमतों को नियंत्रित रखने का भी सरकार की तरफ से इसे एक कोशिश माना जा रहा है।

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आपको बता दें कि इस साल पहले ही गेहूं के निर्यात और प्रतिबंधित चीनी शिपमेंट पर पाबंदी लगा दिया गया है।

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