क्योंकि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) जनवरी 2026 से लागू होना संभावित है, इसलिए बजट 2026 में सरकार इसके लिए एक बड़ा फंड (Allocation) अलग रख सकती है. इससे सरकारी कर्मचारियों को भविष्य में होने वाली वेतन वृद्धि का स्पष्ट संकेत मिल जाएगा.
Budget 2026 Expectations Live Updates: बजट 2026 बस कुछ ही दिन दूर है, और सैलरी पाने वाले लोग और टैक्सपेयर्स ज्यादा टैक्स छूट की उम्मीद कर रहे हैं. पिछले साल, सरकार ने खर्च बढ़ाने के लिए टैक्स दरों में बड़े बदलाव किए थे. एक अहम घोषणा यह थी कि 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. 75000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ने पर, टैक्स-फ्री लिमिट 12.75 लाख रुपये हो गई, जो मिडिल क्लास के लिए एक बड़ी राहत है. आइये जानते हैं कि इस बार बजट से क्या-क्या उम्मीदें हैं?
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Budget 2026 Expectations: बजट कौन पेश करेगा (Who Present Budget 2026)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में बजट पेश करेंगी. यह उनके कार्यकाल का लगातार 9वां बजट होगा. इसके साथ ही वह भारत के इतिहास में सबसे अधिक बार लगातार बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी.
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Budget 2026 Expectations: कब पेश होगा बजट (Budget 2026 Announcement Date)
बजट हर साल की तरह 1 फरवरी को सुबह 11:00 बजे लॉन्च किया जाएगा. 2026 में 1 फरवरी रविवार को है. यह संभवतः इतिहास में पहली बार होगा जब बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया है कि रविवार होने के बावजूद बजट परंपरा के अनुसार 1 फरवरी को ही आएगा.
जो लोग अभी भी पुरानी टैक्स व्यवस्था में हैं, वे लंबे समय से 80C की सीमा बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं. 80C के तहत निवेश की सीमा पिछले एक दशक से 1.5 लाख पर टिकी हुई है. इसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने की मांग है. धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली 2 लाख की छूट को बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जा सकता है.
सरकार 'न्यू टैक्स रिजीम' को मुख्यधारा में लाना चाहती है. बजट 2026 में इसके स्लैब में बदलाव की संभावना है. फिलहाल 3 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है. इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है. वर्तमान में 7 लाख तक की आय पर (रिबेट के साथ) कोई टैक्स नहीं देना होता. उम्मीद है कि इसे बढ़ाकर 8 लाख या 9 लाख रुपये कर दिया जाए.
इससे सैलरीड क्लास की टैक्सेबल इनकम सीधे तौर पर 25000 रुपये कम हो जाएगी, जिससे हाथ में आने वाली नेट सैलरी (In-hand Salary) बढ़ेगी.
वर्तमान में नौकरीपेशा लोगों को 75000 की मानक कटौती (Standard Deduction) मिलती है. इसे बढ़ाकर 100000 करने की मांग की जा रही है.
अब लोग 2 साल के बजाय 4 साल तक अपडेटेड ITR-U फाइल कर सकते हैं. क्या बजट 2026 में और टैक्स कटौती होगी? एक्सपर्ट्स को बड़े बदलावों पर शक है, लेकिन छोटे स्लैब में बदलाव से जनता को मदद मिलेगी.
रेलवे और हाईवे जैसे क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय (Capex) को और बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है.
बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और आम आदमी की जेब को राहत देने के लिए कुछ ठोस कदमों की उम्मीद की जा रही है.
युवाओं के लिए नई रोजगार योजनाओं और स्किल डेवलपमेंट पर बड़ा आवंटन हो सकता है.
मिडिल क्लास और सैलरीड क्लास को टैक्स स्लैब में बदलाव या स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) बढ़ने की उम्मीद है.
बजट से एक दिन पहले यानी 31 जनवरी को देश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जा सकता है.
सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी.
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा.










