Blinkit Change Notice Period Policy: जोमैटो का जाना-माना इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट अपने कर्मचारियों के लिए कुछ जरूरी बदलाव करता नजर आ रहा है। बता दें कि एक नई मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ब्लिंकिट ने नोटिस पीरियड पॉलिसी में बदलाव किया है, जिसके तहत कर्मचारियों को अब 2 महीने का लंबा नोटिस पीरियड सर्व करना होगा। बता दें कि पहले कंपनी में कोई नोटिस पीरियड नहीं होता था।
बता दें कि क्विक कॉमर्स कंपनी ने हाल ही में कई कर्मचारियों ते लिए नोटिस पीरियड पॉलिसी को अपडेट करते हुए इसे 2 महीने कर दिया है, जो खासकर सीनियर पोजिशन पर काम करते हैं। ब्लिंकिट ने अपने कर्मचारियों से एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करवाए हैं, जिससे उनका नोटिस पीरियड को जीरो से बढ़ाकर दो महीने हो गया है।
कंपनी ने क्यों किया ये बदलाव?
बता दें कि कुछ महीने पहले ब्लिंकिट की मूल कंपनी जोमैटो ने इस तरह की नीति को पेश किया था। ब्लिंकिट के नोटिस पीरियड में यह बदलाव भारत के क्विक कॉमर्स सेक्टर में बढ़ते कॉम्पिटिशन के तहत किया गया है। कंपनी को इस बात का डर है कि आने वाले समय में अन्य कॉम्पिटिशन टेलेंट कर्मचारियों को आकर्षित करने का प्रयास करेंगे।
कई रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि ब्लिंकिट का यह कदम फिलहाल मार्केट में हो रही घटनाओं के कारण है, जिसमें जेप्टो, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां अच्छे कर्मचारियों को बेहतर ऑफर देकर आसानी से कंपनी से अलग कर सकती है। ऐसे में अपने कर्मचारियों को रोकना कंपनी के लिए जरूरी है, क्योंकि कंपनी टैलेंट को खोना नहीं चाहती है।
ये भी हो सकते हैं कारण
रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि जिन मामलों में ब्लिंकिट को पक्का पता होता है कि कोई कर्मचारी किसी कॉम्पिटिशन के पास जा रहा है, वे उस कर्मचारी को दो महीने के लिए गार्डन लीव पर भेज देते हैं। इसके अलावा कभी-कभी किसी संवेदनशील जानकारी लीक होने से बचाने के लिए कर्मचारियों को तुरंत रिलीज कर दिया जाता है। उसे तुरंत छुट्टी दे दी जाती है।
इसके अलावा अन्य प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां स्विगी को अपने आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई है। वहीं जेप्टो ने भी 340 मिलियन डॉलर का फंडिंग हासिल कर ली है। इसके अलावा फ्लिपकार्ट मिनट्स को भी हाल ही में बेंगलुरु में लॉन्च किया गया है और आने वाले समय में इसे अन्य शहरों में भी पेश किया जाएगा।