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हादसे के वक्त कैसे बचाता है जान! कार का एयरबैग कब और कैसे खुलता है? जान लें जरूरी बात

कार में लगा एयरबैग हादसे के समय आपकी जान बचा सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह कब खुलता है और कैसे काम करता है? हर टक्कर में एयरबैग एक्टिव नहीं होता और कई बार गलत तरीके से बैठना भी खतरनाक साबित हो सकता है. आइए जानते हैं एयरबैग से जुड़ी जरूरी बातें, इसके प्रकार और कौन-सी सावधानियां आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं.

Author Written By: Mikita Acharya Updated: Feb 21, 2026 10:56
पलक झपकते ऐसे खुलता है जान बचाने वाला सिस्टम.

Car Airbag How It Works: कार में सफर करते समय हम अक्सर सीट बेल्ट और एयरबैग के बारे में सुनते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हादसे के वक्त एयरबैग इतनी तेजी से कैसे खुल जाता है? सड़क दुर्घटना के दौरान यही एयरबैग ड्राइवर और यात्रियों को गंभीर चोट से बचाने में बड़ी भूमिका निभाता है. आइए समझते हैं कि एयरबैग कब खुलता है, कैसे काम करता है और इसके इस्तेमाल से जुड़ी जरूरी बातें क्या हैं.

एयरबैग कब खुलता है?

एयरबैग हर छोटी ब्रेक या हल्की टक्कर में नहीं खुलता. यह केवल तब एक्टिव होता है जब गाड़ी को तेज और गंभीर टक्कर लगती है. कार में लगे क्रैश सेंसर टक्कर की तीव्रता और झटके की ताकत को मापते हैं. अगर सिस्टम को लगता है कि दुर्घटना खतरनाक स्तर की है, तो एयरबैग करीब 20 से 40 मिलीसेकंड में खुल जाता है, यानी पलक झपकने से भी कम समय में. आमतौर पर यह तब खुलता है जब सामने से टक्कर की स्पीड लगभग 16 से 25 किमी/घंटा या उससे ज्यादा हो. वहीं साइड से तेज टक्कर होने पर साइड एयरबैग एक्टिव होते हैं.

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एयरबैग कैसे काम करता है?

कार में एक कंट्रोल यूनिट और कई सेंसर लगे होते हैं. जैसे ही टक्कर होती है, सेंसर तुरंत सिग्नल भेजते हैं. इसके बाद एयरबैग मॉड्यूल के अंदर मौजूद गैस जनरेटर तेजी से गैस बनाता है और बैग तुरंत फूल जाता है. यह पूरी प्रक्रिया इतनी तेज होती है कि यात्री का सिर या छाती स्टीयरिंग, डैशबोर्ड या दरवाजे से टकराने से पहले ही उसे एक नरम कुशन मिल जाता है.

क्या एयरबैग अकेले पूरी सुरक्षा देता है?

कई लोग सोचते हैं कि एयरबैग ही काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है. एयरबैग तभी सही तरीके से काम करता है जब आपने सीट बेल्ट लगाई हो. बिना सीट बेल्ट के एयरबैग खुलने पर शरीर की पोजिशन गलत हो सकती है, जिससे चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए सफर के दौरान सीट बेल्ट और एयरबैग दोनों की भूमिका बराबर महत्वपूर्ण होती है.

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कितनी तरह के एयरबैग होते हैं?

आजकल कारों में अलग-अलग तरह के एयरबैग दिए जाते हैं ताकि हर दिशा से सुरक्षा मिल सके. इनमें फ्रंट एयरबैग, साइड एयरबैग, कर्टन एयरबैग और नी एयरबैग शामिल हैं. अलग-अलग एयरबैग अलग तरह की टक्कर में यात्रियों को सुरक्षित रखने का काम करते हैं.

इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

डैशबोर्ड पर सामान रखने से बचें
कई लोग सामने डैशबोर्ड पर पैर रख लेते हैं या सामान रख देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है. दुर्घटना के समय एयरबैग बहुत तेज गति से खुलता है. ऐसे में सामने रखा कोई भी सामान या गलत पोजिशन गंभीर चोट का कारण बन सकती है.

बच्चों को फ्रंट सीट पर न बैठाएं
छोटे बच्चों को हमेशा पीछे की सीट पर बैठाना चाहिए और चाइल्ड सीट का इस्तेमाल करना चाहिए. फ्रंट एयरबैग खुलने की स्थिति में बच्चे को गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है, इसलिए यह सावधानी बेहद जरूरी है.

एयरबैग वार्निंग लाइट को नजरअंदाज न करें
अगर डैशबोर्ड पर एयरबैग की चेतावनी लाइट लगातार जल रही है, तो यह सिस्टम में खराबी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत अधिकृत सर्विस सेंटर पर जांच करवानी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर एयरबैग सही तरीके से काम कर सके.

ये भी पढ़ें- बीच रास्ते ऑटोमैटिक कार का गियर फंस जाए तो क्या करें? ये आसान ट्रिक्स बचा सकती हैं बड़ी परेशानी

First published on: Feb 21, 2026 10:56 AM

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