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सावधान: Airbags से भी जा सकती जान! कार में बैठते समय इन बातों का रखें ध्यान

एक तरफ जहां एयरबैग्स हमारी जान बचाने के लिए होते हैं वहीं इनकी ही वजह से जान का रही है। एयरबैग्स वाली कार में कैसे बैठना चाहिए,क्या करना और नहीं चहिये। एयरबैग्स कैसे काम करता है ? और कार में बैठने का क्या है सही तरीका? आइये जानते हैं।

Author Edited By : Bani Kalra Updated: Mar 29, 2025 14:38

सरकार और कार कंपनियों ने मिलकर अब कारों में 6 एयरबैग्स स्टैण्डर्ड कर दिए हैं जिसकी वजह से बेस मॉडल की बढ़ गई है। जब कार किसी चीज़ से टकराती है तो एयरबैग्स खुलते हैं जिससे कार में बैठें लोगों की जान बच जाती है। एयरबैग्स की मदद से एक्सीडेंट के दौरान सेफ्टी मिलती है लेकिन अक्सर एयरबैग्स खुलते ही नहीं और जान चकती जाती है। इतना ही नहीं कई बार तो यह भी देखने में आया है कि बिना एक्सीडेंट के भी एक अचानक खुल जाते हैं जिसकी वजह से कार की फ्रंट सीट पर बैठे लोगों को गंभीर चोट लग जाती है और कई मामलों में जान भी चली जाती है।

एक तरफ जहां एयरबैग्स हमारी जान बचाने के लिए होते हैं वहीं इनकी ही वजह से जान का रही है। एयरबैग्स वाली कार में कैसे बैठना चाहिए,क्या करना और नहीं चहिये साथ ही  एयरबैग्स कैसे काम करता है ? कार को इस्तेमाल करना सबसे जरूरी है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि एयरबैग्स कैसे काम करता है ? इसमें  कौन सी गैस होती है और कार में बैठने का सही तरीका क्या है?

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ऐसे काम करते हैं एयरबैग्स

कार में कई तरह के सेंसर लगे होते हैं, जिनमें से एक सेंसर एयरबैग से कनेक्ट होता है। अब जैसे ही कार किसी चीज से टकराती है, तो ये सेंसर एक्टिव हो जाता है और कार में लगे इंफ्लेटर तक इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल भेजता है। ये इंफ्लेटर एयरबैग में लगा होता है, इंफ्लेटर को जैसे ही सिग्नल मिलता है एयरबैग फुल जाता है।

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कार के फ्रंट में दो एयरबैग्स केवल बड़े लोगों के हिसाब से लगाए जाते हैं। इसलिए छोटे बच्चों को हमेशा रियर सेट पर ही बैठाना चाहिए। छोटे बच्चे को फ्रंट सीट पर बैठाकर ड्राइव करना खतरनाक हो सकता है और सड़क हादसे के वक्त गंभीर चोट आ सकती हैं।

डैशबार्ड पर पैर नहीं रखना चाहिए। यदि कार कहीं पर टकराती है तो एयरबैग एक छोटे ब्लास्ट के साथ खुलते हैं और ये आपके पैरों को पूरी तरह से मोड़ देंगे जिसकी वजह से आपको गंभीर छोटे आ सकती हैं।

कार के बंपर की सेफ्टी के लिए जो लोग बुल गार्ड को इंस्टॉल करवा लेते हैं उसके लगाने से बचना चाहिए। बुल गार्ड हादसे की स्थिति में एयरबैग सेंसर तक झटके को नहीं पहुंचने देते हैं और इसके चलते एयरबैग खुलते नहीं हैं। अब ऐसे में कार में बैठे लोगों को गंभीर चोट आ सकती है। कार में ज्यादा आगे होकर बैठना भी खतरनाक हो सकता है, इसलिए डैशबोड और स्टेयरिंग व्हील से दूरी बनाकर बैठें। आपको बता दें कि एयरबैग्स में Sodium azide NaN3 गैस होती है। अपनी कार की सर्विस रेगुलर कारवाना जरूरी है।

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Bani Kalra

First published on: Mar 29, 2025 02:38 PM

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