Samudrik Shastra: अनामिका उंगली को लेकर सदियों से रहस्य और विश्वास जुड़े रहे हैं. सामुद्रिक शास्त्र, ज्योतिष, योग और विज्ञान, सभी में इस उंगली का अलग-अलग महत्व बताया गया है. इसे ‘सूर्य की उंगली’ भी कहा जाता है. माना जाता है कि अनामिका व्यक्ति के प्रेम, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक पहचान के संकेत देती है. आइए जानते हैं, लंबी, छोटी, टेढ़ी अनामिका क्या संकेत देती है, दिल से क्या है नाता और इस सूर्य की उंगली के और रहस्य क्या हैं?
अनामिका नाम का अर्थ
संस्कृत में अनामिका का अर्थ है बिना नाम वाली. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार यह उंगली इतनी पवित्र मानी जाती थी कि इसे किसी सामान्य नाम से नहीं जोड़ा गया. इसी कारण इसका नाम अनामिका पड़ा. हिन्दू धर्म में, अनामिका उंगली केवल हाथ का हिस्सा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और जीवन संकेतों की एक अहम कुंजी मानी जाती है.
दिल से जुड़ा है पुराना विश्वास
रोम और मिस्र की सभ्यताओं में माना जाता था कि अनामिका से एक नस सीधे हृदय तक जाती है. इसे वेना एमोरिस कहा गया. इसी विश्वास के कारण सगाई और शादी की अंगूठी इसी उंगली में पहनने की परंपरा बनी और यह ‘रिंग फिंगर’ कहलायी. आज भी यह दुनिया भर में प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है.
तर्जनी से लंबी अनामिका के मायने
हस्तरेखा शास्त्र में अनामिका के नीचे सूर्य पर्वत होता है. यह पर्वत यश, सम्मान, कला और आत्मबल का संकेत देता है. जिन लोगों की अनामिका तर्जनी से लंबी होती है, उनमें जोखिम लेने का साहस, क्रिएटिव सोच और नेतृत्व क्षमता अधिक मानी जाती है. ऐसे लोग कला, मीडिया, फैशन या बिजनेस में आगे बढ़ सकते हैं.
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क्या बताती है उंगली की बनावट?
अगर अनामिका मध्यम आकार की हो, तो व्यक्ति संतुलित और व्यवहारिक होता है. छोटी अनामिका संतोषी स्वभाव और सीमित महत्वाकांक्षा की ओर इशारा करती है. नुकीली अनामिका संगीत, लेखन और चित्रकला जैसे क्षेत्रों से जुड़ाव दिखाती है. चौकोर सिरा कला से धन और पहचान मिलने का संकेत माना जाता है.
ऊर्जा संतुलन से जुड़ी है अनामिका
योग में अनामिका को ऊर्जा संतुलन से जोड़ा जाता है. पूजा में तिलक इसी उंगली से लगाया जाता है. मान्यता है कि यह मानसिक एकाग्रता बढ़ाती है और सूर्य तत्व को सक्रिय करती है. कई साधनाओं में इस उंगली का विशेष उपयोग बताया गया है.
क्या कहता है विज्ञान?
वैज्ञानिक दृष्टि से हाथ की पांचों उंगलियों में अनामिका को स्वतंत्र रूप से हिलाना सबसे कठिन है. इसकी नसें और पेशियां अन्य उंगलियों से अधिक जुड़ी होती हैं. यह उंगली सबसे कोमल मानी जाती है. इसलिए आंखों के आसपास क्रीम लगाने के लिए डॉक्टर इसी उंगली की सलाह देते हैं.
दोष और पारंपरिक उपाय
अगर अनामिका टेढ़ी हो या उस पर तिल हो, तो इसे सूर्य से जुड़ी कमजोरी माना जाता है. परंपरा में ऐसे में रोज सुबह सूर्य को जल चढ़ाने की सलाह दी जाती है. इसे आत्मविश्वास और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।










