Sunil Sharma
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Budh ke Upay: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, शिक्षा और वाणी का कारक माना गया है। यदि किसी की जन्मकुंडली में बुध प्रबल हो तो ऐसा व्यक्ति पढ़ा लिखा होता है तथा अधिकांशतया खुद का व्यापार करता है। परन्तु बुध के अनुकूल नहीं होने पर जातक आर्थिक तंगी का शिकार हो जाता है और उसे इधर-उधर धक्के खाने पड़ते हैं। ज्योतिषी एम. एस. लालपुरिया से जानिए बुध से जु़ड़ी कुछ जरूरी बातें
बुध को चन्द्रमा तथा बृहस्पति की संतान माना गया है। ऐसे में इसमें इन दोनों ही ग्रहों के गुण दिखाई पड़ते हैं। यह कन्या में उच्च का और मीन राशि में नीच का होता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध मजबूत होता है तो ऐसे लोग अच्छे स्वास्थ्य और अच्छे भाग्य के धनी होते हैं। वे अपनी मेहनत और प्रयास से खुद का व्यापार स्थापित करते हैं और दूसरों को भी नौकरी देते हैं।
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इस ग्रह के शुभ होने पर व्यक्ति की वाणी मधुर तथा ओजस्वी होती है। वह अपनी वाकपटुता से दूसरों को अपना प्रशंसक बना लेता है। वे जहां भी जाते हैं, वहीं पर उनकी बुद्धिमता और व्यवहारकुशलता की प्रशंसा होती है। ऐसे लोग गरीब घर में जन्म लेकर भी कॅरियर की ऊंचाईयों पर पहुंच जाते हैं।
किसी भी व्यक्ति की कुंडली में बुध के अशुभ होने पर उसमें वाणी दोष होता है। वह अपने काम में एकाग्रचित नहीं हो पाता। दूसरों से बात करते समय घबरा जाता है। व्यापार में लगातार घाटा होता है। ऐसे लोगों की पढ़ाई-लिखाई भी अधूरी ही रह जाती है।
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शास्त्रों में इस ग्रह को शुभ बनाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं। हालांकि इन उपायों को किसी अनुभवी विद्वान की सलाह के बाद ही करना चाहिए। उपाय निम्न प्रकार हैं
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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