Hanumanji ke Upay: हनुमानचालिसा पढ़ते समय सही तरह से पढ़ें यह एक शब्द तो होंगे साक्षात दर्शन, हर मनोरथ होगी पूरी
Edited By Sunil Sharma

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Hanumanji ke Upay: हम सभी हनुमानचालिसा की शक्ति और सामर्थ्य से परिचित है। जहां कहीं भी हनुमानचालिसा का एक बार भी उच्चारण हो जाता है, वहां पर समस्त प्रकार की नेगेटिव शक्तियां और दुख, दर्द दूर हो जाते हैं। यदि इसका विधिवत अनुष्ठान किया जाए तो व्यक्ति अपने जीवन में जो चाहें वह सब पा सकता है।
प्रसिद्ध संत तथा वैष्णव संप्रदाय के अनुयायी संत रामभद्राचार्य के अनुसार हम अभी जो हनुमानचालिसा पढ़ते हैं, उसमें कई गलतियां करते हैं। यदि इन गलतियों को सुधार लिया जाए तो हमें शीघ्र लाभ होगा और हमारी सभी परेशानियां चुटकी बजाते दूर होंगी। जानिए इन गलतियों के बारे में
बजरंग बली की आराधना करते समय हनुमानचालिसा में एक पंक्ति आती है, ‘शंकर सुवन केसरी नंदन’। संत रामभद्राचार्य व अन्य विद्वानजनों के अनुसार यह पंक्ति गलत है, सही पंक्ति ‘शंकर स्वयं केसर नंदन’ है। यदि पूरी हनुमानचालिसा में केवल इस एक पंक्ति की गलती को सुधार लिया जाए तो शीघ्र लाभ होता है और सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।
आप जब भी हनुमानजी की आराधना करें तो ध्यान रखें कि कम से कम पांच मिनट के लिए भगवान राम का स्मरण अथवा नाम जप अवश्य करें। यदि अन्य सभी पूजा-पाठ कर लिए जाए परंतु भगवान राम का नाम नहीं लें तो बजरंग बली प्रसन्न नहीं होते हैं। परन्तु यदि सारे उपाय छोड़ कर केवल मात्र राम नाम का जप किया जाए तो हनुमानजी न केवल प्रसन्न होते हैं, वरन साक्षात दर्शन देकर मनचाहा वरदान भी देते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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