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इन 3 राशियों के लिए हीरा और सोना से भी अधिक फायदेमंद है तांबे का छल्ला, लग जाता है धन-दौलत का अंबार

तांबा भले एक सस्ता धातु है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र एक अनुसार, जहां हीरा और सोना जैसे बेशकीमती रत्न और मेटल काम नहीं आते हैं, वहां तांबे का छल्ला, कड़ा और आभूषण से पहनने से धन-दौलत का अंबार लग जाता है। आइए जानते हैं, किन 3 राशियों के लिए तांबा बेहद लाभकारी है।

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तांबा इंसान द्वारा खोज गया पहला धातु माना जाता है, जो आयुर्वेद और ज्योतिष शास्त्र में बेहद महत्वपूर्ण धातु माना गया है। तांबे के बर्तन में पानी पीने से शरीर के लिए कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं, जैसे कि पाचन शक्ति में सुधार और बीमारियों से रक्षा। वहीं, धार्मिक दृष्टि से तांबे को शुभता का प्रतीक माना जाता है और इसका उपयोग पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है। वास्तु दोष निवारण के उपाय के रूप में घर में तांबे का त्रिकोण या अन्य वस्तुएं रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं।

ज्योतिष शास्त्र में तांबे का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में यह नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित कर बचाव करने वाला माना जाता है। यही कारण है कि सदियों से लोग तांबे को मन को शांत करने और गुस्से को नियंत्रित करने में मदद करने वाले धातु के रूप में पहनते या रहे हैं। मान्यता है कि तांबा धारण करने से धन, समृद्धि और शोहरत आकर्षित होती है, क्योंकि यह सत्कर्मों में वृद्धि करता है।

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तांबा पहनने के लाभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तांबे का छल्ला, कड़ा और आभूषण पहनने से व्यक्ति के आत्मविश्वास, मनोबल और शारीरिक ऊर्जा में बढ़ोतरी होती है। जिन लोगों को किसी भी चीज से डर लगता है, उन लोगों को तांबे का छल्ला और कड़ा पहनने की सलाह दी जाती है। देखा गया है कि इससे लोगों का डर दूर होता है। तांबा पहनने के लाभों में और भी कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। कुछ और लाभ इस प्रकार हैं:

  • शरीर में रक्त संचार में सुधार: तांबे का प्रयोग रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह शरीर में खून के प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे रक्त परिसंचरण में सुधार होता है और शरीर के अंगों को सही प्रकार से पोषण मिलता है।
  • संवेदनशीलता और मानसिक स्पष्टता: तांबे का आभूषण पहनने से मानसिक स्पष्टता में वृद्धि होती है और व्यक्ति की सोचने की क्षमता में भी सुधार होता है। यह दिमाग को शांत रखने और विचारों को सुसंगत बनाने में मदद करता है।
  • रोग प्रतिकारक क्षमता में वृद्धि: तांबा एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट है, जो शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता को बढ़ाता है और शरीर को बाहरी संक्रमणों से बचाता है।
  • स्वास्थ्य लाभ: तांबा शरीर में हड्डियों को मजबूत बनाने, मांसपेशियों की कार्यक्षमता में सुधार करने और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है। मान्यता है कि इसे पहनने से पौरुष शक्ति मजबूत रहती है।
  • सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह: तांबा नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है। यह मानसिक स्थिति को सुधारता है और एक अच्छा वातावरण उत्पन्न करता है।

तांबा पहनने से संबंधित इन लाभों का शारीरिक और मानसिक दृष्टिकोण से अच्छा प्रभाव हो सकता है, जिससे व्यक्ति के समग्र जीवन स्तर में सुधार हो सकता है।

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धन-दौलत की नहीं होती है कमी

तांबे का रंग चमकदार लाल होता है। इस धातु के स्वामी ग्रह मुख्य तौर मंगलदेव हैं, लेकिन कुछ अंश तक सूर्य और देवगुरु बृहस्पति भी प्रभाव रखते हैं। ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार, जिन लोगों को तांबा सूट करता है, वे लोग जल्दी ही सफलता की नई ऊंचाइयों पर होते हैं, जितना की हीरा या सोना पहनने से भी नहीं होता है।

इनके लिए शुभ है तांबा

तांबा अग्नि तत्व की धातु है। राशि के अनुसार मेष, सिंह और धनु राशि के लोगों के लिए तांबा शुभ होता है। आपके बता दें कि राशिचक्र में मेष, सिंह और धनु अग्नि तत्व की राशियां हैं, जिससे तांबा इनके लिए के अनुकूल और शुभ फलदायी धातु है। मेष राशि के स्वामी मंगल, सिंह राशि के स्वामी सूर्य और धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं।

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इन्हें नहीं पहनना चाहिए तांबा

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तांबा अग्नि तत्व की धातु है। इसलिए यह यह हर राशि के लिए शुभ नहीं होता है। वृषभ, कन्या और मकर राशि के जातकों को तांबे के छल्ला, कड़ा और अन्य नहीं पहनने चाहिए, क्योंकि इससे उन्हें अशुभ परिणाम मिल सकते हैं।

कब और कैसे पहनें तांबा?

तांबे का छल्ला, कड़ा और आभूषण रविवार के दिन दाएं या बाएं हाथ में पहना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, पुरुषों को तांबे की अंगूठी अनामिका उंगली यानी रिंग फिंगर में और महिलाओं को बाएं हाथ में पहननी चाहिए। कुंवारी लड़कियां इसे दाहिने हाथ की उंगली में धारण कर सकती हैं। तांबे के कंगन को पूरे दिन या रात में सोते समय पहना जा सकता है। कुछ लोग बीमारी के इलाज के लिए इसे बाएं कलाई पर पहनने की सलाह देते हैं। तांबे का छल्ला गले में भी पहना जा सकता है, जिससे सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

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ये भी जान लें!

  • गर्भवती महिलाएं: गर्भवती महिलाओं को तांबे के आभूषण पहनने की सलाह नहीं दी जाती है।
  • दिल की बीमारी वाले: दिल की बीमारी वाले लोगों को तांबे के चुंबकीय कंगन नहीं पहनने चाहिए।
  • एलर्जी वाले लोग: धातु से एलर्जी वाले लोगों को तांबे के कंगन से एलर्जी हो सकती है।

माना जाता है कि तांबे के आभूषण पहनने से इन व्यक्तियों को कई तरह की समस्याएं घेर सकती हैं। कहते हैं कि तांबा पहनने से जीवन हमेशा कष्टमय रहता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Apr 02, 2025 10:35 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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