Dussehra 2023: दशहरा पर शराब पी सकते हैं या नहीं? जानिए इस बारे में क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य
Dussehra 2023 Alcohol: दशहारा 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ऐसे में कई लोगों को मन में जिज्ञासा है कि क्या दशहरा यानी विजयादशमी पर शराब पी सकते हैं या नहीं। आइए इस बारे में ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं. धनंजय पांडेय से जानते हैं।
Edited By : Dipesh Thakur|Updated: Mar 3, 2024 14:43
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Dussehra 2023 Alcohol
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Dussehra 2023 Alcohol: दशहरा 24 अक्टूबर को यानी कल मनाया जाएगा। इस दिन दुर्गा माता की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही रावण का पुतला भी दहन किया जाएगा। इसके अलावा इस दिन नवरात्रि व्रत का पारण भी किया जाएगा। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या दशहरा पर शराब पी सकते हैं। वैसे तो सनातन धर्म में शराब पीना राक्षसी प्रवृत्ति बढ़ाना वाला माना गया है। सनातन परंपरा में इसे तामसिक प्रवृत्ति बढ़ाने वाला माना जाता है। मान्यता यह भी है कि शराब पीने से ब्राह्मणों को ब्रह्म हत्या का पाप लगता है। ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय से जानते हैं कि दशहरा पर शराब पीना चाहिए या नहीं।
दशहरा पर शराब पी सकते हैं या नहीं
ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं. धनंजय पाण्डेय के अनुसार, दशहरा का पर्व खुशहाली का प्रतीक है। ऐसे में इस दिन जश्न मनाने जैसे कार्यों से बचना चाहिए। यह पर्व अपने अंदर आसुरी प्रवृत्ति को खत्म करने का भी संदेश देता है। ऐसे मे कोई दशहरा पर शराब पीकर कैसे अपने अंदर की आसुरी शक्ति को नष्ट कर सकता है? दशहरा पर शराब पीने से तो इंसान के अंदर आसुरी प्रवृत्ति तो बढ़ेगी ही। इसलिए दरहरा जैसे पावन अवसर पर शराब पीने या किसी अन्य प्रकार की नशीली पदार्थों का सेवन करने से भी परहेज करना चाहिए। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस बार दशहरा पर मंगलवार का संयोग बन रहा है। ऐसे में बजरंगबली को समर्पित इस दिन पर शराब भूलकर भी नहीं पीना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से तो शुभता की प्राप्ति हो ही नहीं सकती बल्कि व्रत-पूजा के द्वार अर्जित पुण्यफल भी नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में दशहरा पर भूलकर भी शराब का सेवन ना करें।
ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पाण्डेय के अनुसार, इस बार दशहरा पर रवि योग का खास संयोग बन रहा है। रवि योग सबह 6 बजकर 27 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके अवाला इस दिन वृद्धि योग का भी खास संयोग बन रहा है। वृद्धि योग की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 40 मिनट से 24 अक्टूबर की पूरी रात तक रहेगा। दशहरा पर रावण दहन का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 43 मिनट से लेकर अगले ढाई घंटे तक रहेगा। ऐसे में इस अवधि में ही रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न कर लेना शुभ रहेगा।
डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
Dussehra 2023 Alcohol: दशहरा 24 अक्टूबर को यानी कल मनाया जाएगा। इस दिन दुर्गा माता की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही रावण का पुतला भी दहन किया जाएगा। इसके अलावा इस दिन नवरात्रि व्रत का पारण भी किया जाएगा। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या दशहरा पर शराब पी सकते हैं। वैसे तो सनातन धर्म में शराब पीना राक्षसी प्रवृत्ति बढ़ाना वाला माना गया है। सनातन परंपरा में इसे तामसिक प्रवृत्ति बढ़ाने वाला माना जाता है। मान्यता यह भी है कि शराब पीने से ब्राह्मणों को ब्रह्म हत्या का पाप लगता है। ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय से जानते हैं कि दशहरा पर शराब पीना चाहिए या नहीं।
दशहरा पर शराब पी सकते हैं या नहीं
ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं. धनंजय पाण्डेय के अनुसार, दशहरा का पर्व खुशहाली का प्रतीक है। ऐसे में इस दिन जश्न मनाने जैसे कार्यों से बचना चाहिए। यह पर्व अपने अंदर आसुरी प्रवृत्ति को खत्म करने का भी संदेश देता है। ऐसे मे कोई दशहरा पर शराब पीकर कैसे अपने अंदर की आसुरी शक्ति को नष्ट कर सकता है? दशहरा पर शराब पीने से तो इंसान के अंदर आसुरी प्रवृत्ति तो बढ़ेगी ही। इसलिए दरहरा जैसे पावन अवसर पर शराब पीने या किसी अन्य प्रकार की नशीली पदार्थों का सेवन करने से भी परहेज करना चाहिए। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस बार दशहरा पर मंगलवार का संयोग बन रहा है। ऐसे में बजरंगबली को समर्पित इस दिन पर शराब भूलकर भी नहीं पीना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से तो शुभता की प्राप्ति हो ही नहीं सकती बल्कि व्रत-पूजा के द्वार अर्जित पुण्यफल भी नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में दशहरा पर भूलकर भी शराब का सेवन ना करें।
ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पाण्डेय के अनुसार, इस बार दशहरा पर रवि योग का खास संयोग बन रहा है। रवि योग सबह 6 बजकर 27 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके अवाला इस दिन वृद्धि योग का भी खास संयोग बन रहा है। वृद्धि योग की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 40 मिनट से 24 अक्टूबर की पूरी रात तक रहेगा। दशहरा पर रावण दहन का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 43 मिनट से लेकर अगले ढाई घंटे तक रहेगा। ऐसे में इस अवधि में ही रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न कर लेना शुभ रहेगा।
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