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Ratna: नीलम के साथ भूल से भी न पहनें ये रत्न… वरना अपशकुन निश्चित

Ratna: अनेक रत्न एक-दूसरे के विरोधी होते हैं, जिसे ज्योतिष भाषा में 'संगत' और 'असंगत' रत्न कहा जाता है। इन्हें एक साथ धारण करने जीवन में विपत्ति और संकट बढ़ जाते हैं। आइए जानते हैं, नीलम का असंगत रत्न कौन-सा है और उसे साथ पहनने से क्या दुष्परिणाम होते हैं?

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Ratna: आपने देखा होगा कि कुछ लोगों की उंगलियां जगमगाते रत्नों वाली अंगूठियों से भरी होती हैं। लेकिन इतने रत्नों को एक साथ धारण करने से पहले इनके ‘संगत और असंगत’ (Compatible and Incompatible) का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, वरना लाभ की जगह हानि और शुभ होने स्थान पर अपशकुन निश्चित है। यह देखा गया है कि रत्नों का उल्टा प्रभाव कम से कम दो रत्नों के धारण करने पर हर हाल में होता है। ये दो रत्न हैं, नीलम और मोती। नीलम शनि ग्रह का रत्न है, तो वहीं मोती चंद्रमा से संबंधित है।

एक साथ क्यों नहीं पहनते हैं नीलम और मोती?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि वायु तत्व और चंद्रमा जल तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन दोनों ग्रहों का स्वभाव एक-दूसरे के विपरीत होता है। इन दोनों ग्रहों के स्वभाव के कारण इनके रत्न, नीलम और मोती, एक-दूसरे के इनकॉम्पैटिबल यानी असंगत होते हैं। मोती शांत प्रभाव और नीलम के कठोर प्रभाव के लिए पहना जाता है यानी इनकी प्रकृति और प्रभाव एक-दूसरे के विपरीत होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, मोती और नीलम असंगत रत्न हैं, इन्हें एक साथ पहनने से इसे धारण करने वालों के जीवन और काम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।

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नीलम और मोती साथ पहनने के दुष्परिणाम

ज्योतिष ग्रंथों में, मोती और नीलम को एक साथ पहनने से फाइनेंशियल, हेल्थ और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने की चेतावनी दी गई हैं। ज्योतिष विशेषज्ञों के मुताबिक, विपरीत तत्वों को एक साथ रखना अशुभ होता जाता है, क्योंकि इससे ग्रहों के बीच टकराव हो सकता है। अनुभवी ज्योतिषियों के मुताबिक, इन दो रत्नों को एक साथ पहनने से अप्रत्याशित और नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं, जैसे- धन की जबरदस्त हानि, कारोबार में घाटा, लाइलाज या रहस्मय बीमारी, वाहन दुर्घटना और अंग-भंग, अत्यधिक मानसिक तनाव, अवसाद आदि।

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नीलम स्वाभाव में गंभीरता और कर्मफल की प्रधानता ग्रह है। यह रत्न भौतिकता को बढ़ावा देता है। वहीं मोती मन को शांत करता है और भावनाओं को नियंत्रित करता है। नीलम और मोती साथ पहनने से चिंता, डर और अवसाद जैसी नकारात्मक भावनाएं बढ़ जाती हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: May 23, 2024 07:42 PM

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Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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