Shoe Size Numerology: अंक ज्योतिष के अनुसार, जूते का नंबर केवल पैरों की फिटिंग तय नहीं करता है. भारत के इस प्राचीन शास्त्र में जूते को व्यक्ति के स्वभाव और सोच से भी जोड़ा गया है. मान्यता है कि न केवल पैरों आकार-प्रकार बल्कि उनके शू साइज भी व्यक्ति की कार्यशैली, निर्णय लेने की क्षमता और जीवन के नजरिए के बारे में कई संकेत देता है. यही कारण है क आजकल ‘शू साइज न्यूमरोलॉजी’ को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी पोस्ट अपलोड हो रहते हैं.
यदि बात करें ज्योतिष शास्त्र की तो, इस शास्त्र में पैरों का संबंध शनिदेव से माना गया है. इसलिए जूतों को केवल जरूरत की चीज नहीं, बल्कि भाग्य और कर्म से जुड़ा प्रतीक भी है. वहीं, अंक ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार, जूतों का आकार व्यक्ति के व्यवहार, आत्मविश्वास, धन योग और सफलता के तरीके से जुड़े संकेत देता है. आइए जानते हैं, अलग-अलग शू साइज से जुड़ी खास बातें क्या हैं और किस प्रकार जूते का नंबर पर्सनैलिटी, धन योग और सफलता के अनोखे राज बताता है?
शू साइज न्यूमरोलॉजी
शू साइज 5 से 6
इस साइज के लोग नरम दिलवाले, शांत और संवेदनशील माने जाते हैं. दूसरों की मदद करना इन्हें अच्छा लगता है. क्रिएटिव कामों में इनकी रुचि रहती है. कला, डिजाइन और लेखन जैसे क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं. मेहनत के बाद सफलता मिलती है. आर्थिक स्थिति भी धीरे-धीरे मजबूत होती जाती है.
शू साइज 7 से 8
इस शू साइज वाले लोग संतुलित सोच रखते हैं. हर फैसला समझदारी से लेने की कोशिश करते हैं. मुश्किल हालात में भी धैर्य बनाए रखते हैं. वर्क प्लेस पर इनकी सलाह को महत्व मिलता है. धन लाभ धीरे-धीरे बढ़ता है. करियर में स्थिर ग्रोथ देखने को मिलती है.
शू साइज 9 से 10
इस साइज के लोग कॉन्फिडेंट और लीडरशिप क्वालिटी वाले माने जाते हैं. इन लोगों को चुनौती से पीछे हटना इन्हें पसंद नहीं होता हैं. बिजनेस और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. अपने फैसलों पर भरोसा रखते हैं. मेहनत के दम पर पहचान और अच्छी आर्थिक स्थिति बनाने की क्षमता रखते हैं.
शू साइज 11 या अधिक
इस वर्ग के लोग बड़े लक्ष्य लेकर चलते हैं. नई चीजें सीखना और अलग सोच रखना इनकी खासियत होती है. हालांकि, कई बार जिद्दी भी नजर आते हैं, लेकिन यही स्वभाव इन्हें आगे बढ़ाता है. अचानक धन लाभ या विदेश से जुड़े अवसर मिलने की मान्यता भी बताई गई है.
जानें ये जरूरी ज्योतिषीय नियम
अंक ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं में फटे या ज्यादा घिसे जूते पहनना शुभ नहीं है. इससे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव बढ़ते हैं.
घर के मुख्य दरवाजे पर जूते-चप्पल बिखरे रखना भी उचित नहीं है. यह धन के प्रवाह को रोकता है.
शनिवार के दिन जरूरतमंद लोगों को काले जूते दान करना शनिदेव की कृपा पाने का एक शुभ उपाय है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.