US Iran Nuclear Deal Talk: एक तरफ रूस-यूक्रेन की जंग खत्म होने के संकेत मिले हैं, दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान में होने वाला संभावित युद्ध भी टल गया. क्योंकि दोनों देश टेबल पर एक दूसरे के सामने बैठेंगे. दोनों देश तुर्की में परमाणु समझौता करने के लिए बातचीत करेंगे. 6 फरवरी को तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में बातचीत होगी, जिसमें अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान की तरफ से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची शिरकत करेंगे.
NEW: Iran has signaled it is willing to shut down or suspend its nuclear program in a major concession to the U.S., according to Iranian and U.S. officials – NYT
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बैठक में अरब देशों के प्रतिनिधि भी होंगे
ईरान और अमेरिका के अधिकारियों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि इस्तांबुल में ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बैठक में सऊदी अरब, मिस्र, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. वहीं बैठक का मकसद ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर चल रहे विवाद को कूटनीति से सुलझाना और मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय युद्ध की संभावनाओं को खत्म करना है. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव करने के लिए मॉस्को में भी बातचीत का दौर 2 दिन से जारी है.
ईरान में अभी बेहद तनावपूर्ण हैं हालात
बता दें कि पिछले महीने ईरान में खामेनेई की सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे थे और हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था, जिस कारण ईरान में तख्तापलट के हालात बन गए थे. 1979 की क्रांति के बाद का सबसे घातक संकट ईरान ममें गहराया था. ईरान की इस तनावपूर्ण स्थिति में राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे दखल नहीं दिया, लेकिन ईरान को चेतावनी देते हुए अपना नौसैनिक बेड़ा ईरान के आस-पास तैनात कर दिया और ईरान के साथ सीधी जंग जैसे हालात पैदा करके दुनिया को चौंका दिया.
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अमेरिका ने ईरान के लिए रखीं 3 शर्तें
अमेरिका की घेराबंदी से घबराए ईरान ने परमाणु समझौते के लिए बातचीत करने पर सहमति जताई, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने भी 3 शर्तें रख दी कि ईरान यूरेनियम की प्रोसेंसिग बंद करे, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम बंद करे और आतंकी गुटों को समर्थन देना भी बंद करे. ईरान ने तीनों मांगों को अपनी संप्रभुता पर हमला बताया और सिरे से खारिज कर दिया, लेकिन बिना किसी शर्त के बातचीत करने का ऑफर अमेरिका को दिया. यूरेनियम की प्रोसेसिंग भी कम मात्रा में करने की प्रतिबद्धता जताई.
ईरान चाहता प्रतिबंध वापस लिए जाएं
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने कहा कि ईरान पर लगे प्रतिबंध खत्म किए जाने चाहिए. अमेरिका अपने नौसैनिक बेड़े को भी वापस ले जाए. वहीं अमेरिका और इजरायल की सख्ती के बाद हूती, हमास और हिजबुल्लाह को ईरान के समर्थन में कमी आई है और आगे इसके बिल्कुल कम होने की संभावना है. ईरान यूरेनियम की प्रोसेसिंग परमाणु हथियार बनाने के लिए नहीं, बल्कि बिजली की पूर्ति के लिए करता है, अमेरिका को ईरान के इस प्रोग्राम को लेकर गलतफहमी है.
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