दुनिया angle-right

Turkey Miracle Stories: 90 घंटे तक 10 दिन के नवजात ने दी मौत को मात, 101 घंटे बाद 6 लोगों का किया रेस्क्यू

Turkey Miracle Stories: तुर्की और सीरिया में 6 फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप में सबकुछ तबाह हो गया है। भूकंप के 6 दिनों के अंदर तुर्की और सीरिया से कुछ खबरें ऐसी भी आईं हैं जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। ताजा जानकारी के मुताबिक, तुर्की में  90 घंटे बाद बचावकर्मियों ने मलबे के नीचे […]

---विज्ञापन---

Turkey Miracle Stories: तुर्की और सीरिया में 6 फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप में सबकुछ तबाह हो गया है। भूकंप के 6 दिनों के अंदर तुर्की और सीरिया से कुछ खबरें ऐसी भी आईं हैं जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। ताजा जानकारी के मुताबिक, तुर्की में  90 घंटे बाद बचावकर्मियों ने मलबे के नीचे से 10 दिन के बच्चे और उसकी मां को जिंदा निकाला है।

और पढ़िए –Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान के फैजाबाद में लगे भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.3 रही तीव्रता

10 दिन के नवजात का नामकरण भी हो चुका है। लोग उसे यागिज़ उल्स नाम के पुकारते दिखे। बच्चे को उसकी मां के साथ हाटे के दक्षिणी प्रांत में एक क्षतिग्रस्त इमारत से बचाया गया। रेस्क्यू में जुटी टीम के एक सदस्य को जब मलबे के नीचे मां और उसके बेटे की जानकारी मिली तो वो दोनों के पास पहुंचा और काफी सावधानी से दोनों को बाहर निकाला गया।

101 घंटे बाद छह लोगों का किया गया रेस्क्यू

तुर्की और सीरिया में नवजातों, बच्चों, महिलाओं समेत कई लोगों को मलबे से जिंदा निकाला जा चुका है। बचावकर्मियों के अनुसार, मलबे के नीचे फंसे 101 घंटे बिताने के बाद हटे प्रांत में स्थित इस्केंडरुन में एक गिरी हुई इमारत से छह लोगों को निकाला गया।

बचाव कार्यकर्ता के मुताबिक, एक परिवार के सभी छह सदस्य भूकंप के बाद बिल्डिंग गिरने से छोटी सी जगह में फंस गए थे। काफी मशक्कत के बाद भी वे वहां से निकल नहीं पा रहे थे, लेकिन बचाव दल ने परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया।

और पढ़िए –Pakistan news: ईशनिंदा के आरोपी की थाने से निकालकर हत्या, पुलिस ने शव जलाने से रोका

तुर्की सीरिया में अब तक 25 हजार से ज्यादा मौतें

तुर्की और सीरिया में 6 फरवरी को आए विनाशकारी भूंकप से अब तक 25 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों की संख्या में लोग घायल भी है। भीषण भूकंप के बाद यूएन समेत अन्य संगठनों और अलग-अलग देशों की टीम यहां युद्धस्तर पर रेस्क्यू में जुटी है।

और पढ़िए – दुनिया से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें

First published on: Feb 11, 2023 03:34 PM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें