Syria Bashar Al-Assad Government Fell: सीरिया में हालात दिन-ब-दिन बेकाबू होते जा रहे हैं। सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद के मुल्क छोड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। विद्रोही संगठन जल्द ही सीरिया की राजधानी दमिश्क पर कब्जा करने वाले हैं। सीरिया में कुछ दिनों के भीतर की तख्तापलट हो गया। इस खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
24 घंटे में 4 शहरों पर कब्जा
विद्रोही गुटों ने पहले सीरिया के सबसे बड़े शहर अलेप्पो पर दावा ठोका। इसके बाद उन्होंने सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स को कब्जे में लिया। बीते दिन सीरिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर दारा भी विद्रोहियों के पास चला गया। दारा पर कब्जे के बाद पूरे सीरिया में हड़कंप मच गया। यह वही शहर था जहां से 2011 में अरब स्प्रिंग की शुरुआत हुई थी। दारा पर कब्जे के बाद विद्रोहियों ने राजधानी दमिश्क की तरफ कूच किया और राष्ट्रपति ने गद्दी छोड़ दी।
2011 की अरब स्प्रिंग की याद ताजा
सीरिया अचानक उठा विद्रोह हर किसी के लिए शॉकिंग था। 24 घंटे के भीतर विद्रोहियों ने सीरिया के 4 बड़े शहरों पर कब्जा कर लिया। इस विद्रोही गुट का नाम हयात तहरीर अल शाम (HTS) है, जिसे कथित तौर पर तुर्की का समर्थन मिला हुआ है। इस तख्तापलट ने सभी को 2011 की अरब स्प्रिंग की याद दिला दी।
5 साल बाद दमिश्क पहुंचे विद्रोही
रविवार की सुबह विद्रोहियों ने दमिश्क के बाहरी इलाके में मौजूद सेडनया जेल पर कब्जा कर लिया और सभी कैदियों को जेल से रिहा कर दिया। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि असद परिवार की 5 दशक पुरानी तानाशाही अब खत्म हो चुकी है। 2018 के बाद विद्रोही गुट पहली बार दमिश्क पहुंची थी। 5 साल बाद दमिश्क एक बार फिर विद्रोहियों के खाते में है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बशर अल असद सीरिया छोड़कर भाग गए हैं। हालांकि सीरिया की सरकार ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है।
पूर्व पीएम को मिली कमान
HTS ने बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने दमिश्क को असद से मुक्त करवा लिया है। विद्रोही गुटों को आदेश दिए गए हैं कि वो सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री गाजी-अल-जलाली को सीरिया की कमान सौंपी गई है। जलाली ने बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार विद्रोहियों को शासन का कार्यभार सौंपने के लिए तैयार है।