पेरिस ओलंपिक में 'खून की नदियां बहेंगी', जानें आतंकी के वायरल वीडियो का असली सच

Paris Olympic News: पेरिस ओलंपिक में कत्लेआम की धमकी देने वाला कथित हमास आतंकी का वीडियो फेक पाया गया है। यह रशियन डिसइन्फॉर्मेशन ग्रुप की साजिश है।

पेरिस ओलंपिक को लेकर हमास आतंकी का फेक वीडियो वायरल हो रहा है। फाइल फोटो

पेरिस ओलंपिक को लेकर हमास आतंकी का फेक वीडियो वायरल हो रहा है। फाइल फोटो

Paris Olympic News: 26 जुलाई से शुरू होने जा रहे ओलंपिक में कत्लेआम की धमकी देने वाला कथित हमास आतंकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में हमास का कथित आतंकी पेरिस की सड़कों पर खून बहाने की धमकी दे रहा है। वीडियो के जारी होते ही पेरिस ओलंपिक एडमिनिस्ट्रेशन सकते में आ गया।

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वीडियो में आतंकी गहरे रंग के कपड़े पहने हुए है और छाती पर फिलीस्तीन का झंडा लगा है। कथित आतंकी कह रहा है कि पेरिस में खून की नदियां बहेंगी। वीडियो का अंत उस व्यक्ति के साथ होता है, जिसके हाथ में नकली कटा हुआ सिर दिखता है। लेकिन इस वीडियो की सच्चाई का पता चल गया है।

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क्या है वीडियो की सच्चाई

एनबीसी न्यूज के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के रिसर्चर्स ने अपने फैक्ट चेक में कहा है कि वायरल वीडियो रूस से जुड़े डिसइनफॉर्मेंशन कैंपेन का हिस्सा है। इसका मकसद पेरिस ओलंपिक के आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करना है। हमास के आधिकारिक प्रवक्ता इज्जत अल रशीक ने वीडियो को फर्जीवाड़ा बताया है।

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एनबीसी न्यूज ने माइक्रोसॉफ्ट के रिसर्चर्स से वीडियो की सच्चाई का पता लगाने को कहा था। माइक्रोसॉफ्ट थ्रेट एनालिसिस सेंटर ने वीडियो का रिव्यू करने के बाद कहा कि वीडियो रूस के डिसइनफॉर्मेंशन ग्रुप का है। वीडियो के डिटेल्स यूक्रेन से जुड़े पहले वीडियो से मैच करते हैं।

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बीते अक्टूबर में वायरल हुए वीडियो में ग्रे बैकग्राउंड में खड़े कई लड़ाकों ने हथियारों की नई खेप के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का धन्यवाद किया था। वीडियो के सामने आने के बाद ये चर्चा चल पड़ी थी कि यूक्रेन ने हमास की मदद की है।

वायरल वीडियो में क्या है?

दरअसल वायरल वीडियो में एक व्यक्ति चेहरे पर स्कॉर्फ बांधे हुए डार्क ग्रे बैकग्राउंड में फ्रांस की जनता और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को संबोधित करते हुए ओलंपिक के दौरान पेरिस की सड़कों पर कत्लेआम की धमकी देता है। अरबी भाषा में उसने कहा, ‘हमास और इजरायल की लड़ाई में फ्रांस ने इजरायल का समर्थन किया है। इजरायली एथलीट्स का स्वागत कर रहा है।’

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यह फर्जी वीडियो रविवार को सबसे पहले ‘हमास फाइटर’ नाम के एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया गया था। इस अकाउंट की शुरुआत जनवरी में हुई थी, जिसने बहुत कम ट्वीट किए हैं। फ्रांस के सुरक्षा अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि ओलंपिक के आयोजन के लिए पेरिस में सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं।

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