अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ताजा बयान दिया है कि ईरान के खिलाफ चल रहा अब युद्ध समाप्त करने की ओर बढ़ रहा है। हालांकि युद्ध की शुरुआत में अमेरिका और इजरायल का मुख्य लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन था, लेकिन नया बयान तब आया है, जबकि मुख्य उद्देश्य अभी तक हासिल नहीं हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर युद्ध को लेकर अपने ताजा बयान में इसके समापन की ओर इशारा किया। उन्होंने लिखा कि हम अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के बहुत करीब पहुंच चुके हैं। इसलि मध्य पूर्व में अपनी सैन्य कार्रवाइयों को समाप्त करने पर विचार कर रहे हैं।
Middle East War LIVE Updates: मिडिल ईस्ट में चल रही अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग के 21 दिन पूरे हो गए हैं। वहीं 22वें दिन भी हमले जारी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को झुठलाते हुए ईरान की IRGC ने कहा कि उसने इजरायल, कुवैत और सऊदी अरब में स्थित महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए हैं। राज्य मीडिया द्वारा प्रसारित बयान में IRGC ने कहा कि उसने इजरायल के तेल अवीव, एकरे, हफीफा खाड़ी के साथ-साथ कुवैत के Ali al-Salem Air Base और सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमले किए।
इजरायल ने जवाबी हमले करके तबाही मचाई
ईराक में बगदाद स्थित अमेरिकी विक्टोरिया बेस पर ईरान ने हमला किया, जिससे यह बेस आग और धुएं के गुबार से भर गया। जवाबी हमले करते हुए इजरायल ने रातभर तेहरान तथा राजधानी के पूर्व में स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। तेहरान में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के पुर्जे विकसित करने वाली फैक्ट्रियों और अन्य स्थलों को नष्ट किया गया है। वहीं एक तरफ अमेरिका मध्य पूर्व में सैन्य तैनाती बढ़ा रहा है और अब मरीन भी तैनात कर दिए हैं। दूसरी ओर, युद्ध का जल्दी समाप्त करने के संकेत भी दे रहा है।
आइए मिडिल ईस्ट की जंग में आज 22वें दिन 21 मार्च 2026 को दिनभर में होने वाले घटनाक्रमों के लिए बने रहें NEWS24 के साथ…
ईरान ने ब्रिटेन को धमकी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने बयान दिया है कि अमेरिका को अपने मिलिट्री बेस उपलब्ध कराकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर अपने देश के आम नागरिकों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं, क्योंकि ईरान उनके खिलाफ आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।
अब तक ईरान के हमले झेल रहे सऊदी अरब और UAE भी जंग में सक्रिय भूमिका में दिखेंगे। अमेरिका और इजरायल का सक्रिय समर्थन बढ़ाने और युद्ध में सीधी दखल की दिशा में दोनों देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देश अपने मिलिट्री बेस खोलने और लंबे संघर्ष की तैयारी में जुटे हैं। सऊदी अरब ने अपने King Fahad Air Base को अमेरिकी वायुसेना के लिए पूरी तरह खोल दिया है, जिससे अमेरिकी विमानों को क्षेत्रीय अभियानों के लिए आसान पहुंच मिलेगी।
मिडिल ईस्ट की जंग में ब्रिटेन की एंट्री हो ही गई। ब्रिटेन की कीर स्टार्मर सरकार ने अमेरिका को ब्रिटिश मिलिट्री बेस इस्तेमाल करने की परमिशन दे दी है। अब अमेरिका ब्रिटेन के मिलिट्री बेस से ईरान पर हमले कर सकता है। ईरान के उन ठिकानों को निशाना बना सकता है, जहां से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले किए जा रहे हैं।










