'अमेरिका शर्तें माने तो सातवें दिन खुल जाएगा होर्मुज', जंग खत्म करने के लिए ईरान का नया ऑफर

ईरान ने 7 महीने से जारी युद्ध को खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका को 7 दिन का नया प्रस्ताव भेजा है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया कि अगर शर्तें मानी गईं तो सातवें दिन से तेल का मुख्य समुद्री रास्ता खुल जाएगा. जानिए क्या है तेहरान का पूरा प्लान.

Iran US tensions, Strait of Hormuz, Abbas Araghchi, Iran ceasefire proposal

ईरान ने 7 महीने से जारी युद्ध को खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका को 7 दिन का नया प्रस्ताव भेजा है. Credit: ANI

मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने युद्धविराम और शांति की दिशा में एक नया दांव चला है. ईरान ने लगभग सात महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के सामने ‘सात दिवसीय’ शांति प्रस्ताव रखा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस योजना की पुष्टि करते हुए बताया कि तेहरान की यह नई पहल अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुए पुराने समझौते की शर्तों पर ही आधारित है, जो लागू होने के कुछ समय बाद ही टूट गया था.

विज्ञापन

एक हफ्ते में खुल सकता है अहम समुद्री रास्ता

ईरानी मध्यस्थों ने यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस तक पहुंचा दिया है. इसके तहत फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह समुद्री रास्ता महज एक सप्ताह के भीतर फिर से चालू हो सकता है. बता दें कि आम दिनों में दुनिया की कुल ऊर्जा और तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है.

विज्ञापन

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अराघची ने कहा, “हमने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सामने एक साफ योजना रखी है. यदि तय शर्तें पूरी होती हैं, तो सातवें दिन के अंत तक होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दिया जाएगा और दोनों पक्षों के बीच व्यापक बातचीत दोबारा शुरू हो जाएगी.”

विज्ञापन

‘हमें कोई जल्दबाजी नहीं, फैसला अमेरिका के हाथ में’

विदेश मंत्री अराघची ने स्पष्ट किया कि तेहरान इस समझौते को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले सहमति बन जाती है तो यह बेहतर होगा, लेकिन अंतिम फैसला अमेरिकी प्रशासन को ही लेना है. उन्होंने कहा कि ईरान का प्लान पूरी तरह स्पष्ट है-जिस दिन अमेरिका इसे स्वीकार करेगा, उसके अगले दिन से सात दिनों की समय सीमा शुरू हो जाएगी.

परमाणु विवाद पर बना हुआ है सस्पेंस

इस पूरे प्रस्ताव में सबसे बड़ा पेंच परमाणु गतिविधियों को लेकर है. अराघची ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि इस नए सात दिवसीय फॉर्मूले में परमाणु मुद्दे को शामिल किया गया है या नहीं. अमेरिका लगातार यह मांग करता रहा है कि ईरान पर ऐसे कड़े प्रतिबंध और सुरक्षा उपाय लागू हों जिससे वह कभी परमाणु हथियार न बना सके. वहीं, ईरान का रुख है कि उसे अपने नागरिक उपयोग के लिए शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम चलाने की पूरी छूट मिलनी चाहिए. यही विवाद लंबे समय से किसी भी स्थायी शांति समझौते की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है.

विज्ञापन

ट्रंप प्रशासन बोला- हम समझौते की जल्दबाजी में नहीं

ईरान के शांति प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख भी सामने आ गया है. वार्ता की जानकारी रखने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन मध्यस्थों के जरिए सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा कर रहा है, लेकिन अमेरिका किसी समझौते पर पहुंचने की जल्दबाजी में बिल्कुल नहीं है. अधिकारी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका बहुत मजबूत स्थिति में है. उन्होंने बताया कि कल रात ही जलडमरूमध्य से लगभग 22 मिलियन बैरल तेल निकाला गया है, इसलिए वाशिंगटन पर किसी तरह का दबाव नहीं है.

जून में क्यों टूटा था समझौता?

गौरतलब है कि जून के महीने में हुआ युद्धविराम इसलिए विफल हो गया था क्योंकि तेहरान ने इसे जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण की मान्यता समझ लिया था. अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने ईरान के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया था. इससे पहले, फरवरी के अंत में इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछा दी थीं. साथ ही जहाजों को चेतावनी दी थी कि वे तेहरान से तालमेल किए बिना यहां से न गुजरें. इस वजह से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी और दुनिया भर में ऊर्जा व कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई थीं.

विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र में ट्रंप की चेतावनी, ईरानी राष्ट्रपति का जवाब

यह बयानबाजी ऐसे समय में हुई है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजनयिक संपर्क की बात मानी, लेकिन साथ ही ईरान को चेतावनी दी कि वह संघर्ष खत्म करने के लिए समझौता करे या फिर “विनाश” का सामना करने को तैयार रहे. ट्रंप के इस बयान के विरोध में ईरानी प्रतिनिधिमंडल वॉकआउट कर गया.

इसके जवाब में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने महासभा में कहा कि ईरान को बाहरी खतरों से बचने के लिए शक्तिशाली होना ही होगा. पेज़ेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान किसी के दबाव या धमकियों की भाषा को स्वीकार नहीं करेगा, हालांकि वह संवाद और कूटनीति के लिए तैयार है. उन्होंने दोहराया कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा, लेकिन उसे शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि जो दुनिया केवल युद्ध और धमकियों की भाषा समझती है, वह कभी सुरक्षित नहीं रह सकती.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ