जंगलों की लगातार घट रही सीमाएं और मौसम में बदलाव के चलते धरती कई जीव विलुप्त होने की कगार पर हैं. हालांकि दुनिया की कई सरकारें उन जीवों को बचाने की जुगत में लगी हैं, लेकिन फिर भी नतीजे बहुत हद तक पक्ष में नजर नहीं आ रहे. इस बीच अमेरिका में एक चमत्कारी घटना हुई, जिसे देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गए. अमेरिका के साउथ डकोटा स्थित बैडलैंड्स नेशनल पार्क में नेवले की एक दुर्लभ प्रजाति देखी गई, जिसे कभी विलुप्त मान लिया गया था. हैरानी की बात ये है कि आखिरी बार इस प्रजाति के नेवले को 1980 में देखा गया था.
हम नेवले की जिस प्रजाति की बात कर रहे हैं, उसका नाम ‘ब्लैक-फुटेड फेरेट’ है. नेवला परिवार का यह दुर्लभ जीव कभी पूरी तरह विलुप्त माना जाने लगा था. अब इसकी मौजूदगी और आबादी में सुधार को वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
विलुप्त घोषित हो चुकी थी यह प्रजाति
आपको बता दें कि ब्लैक-फुटेड फेरेट उत्तरी अमेरिका की सबसे दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल है. कई दशक पहले इसके प्राकृतिक आवास में इनकी संख्या इतनी तेजी से घटी कि एक्सपर्ट्स ने इसे विलुप्त मान लिया था. इसके पीछे जंगलों और घास के मैदानों का नष्ट होना, बीमारियां और इनके भोजन के प्रमुख स्रोत प्रेयरी डॉग्स की संख्या में भारी गिरावट जैसे कारण जिम्मेदार थे.
दरअसल, किसान और पशुपालक अपनी जमीन और फसलों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रेयरी डॉग्स को खत्म कर रहे थे. इससे ब्लैक-फुटेड फेरेट के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया. साथ ही प्राकृतिक आवास में कमी और बीमारियों ने इनकी आबादी को और तेजी से कम कर दिया.
आखिरी बार 1980 के दशक में आया नजर
कई वर्षों तक विलुप्त मानी जाने वाली इस प्रजाति को 1980 के दशक में दोबारा खोजा गया था. इसके बाद वन्यजीव विशेषज्ञों और संरक्षण संगठनों ने इनके संरक्षण के लिए विशेष प्रजनन और पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किए. इन कार्यक्रमों के तहत नियंत्रित वातावरण में इनकी संख्या बढ़ाने और फिर इन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ने पर काम किया गया. संरक्षण टीमों ने इनके भोजन के प्रमुख स्रोत प्रेयरी डॉग्स के आवास को सुरक्षित करने पर भी ध्यान दिया. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लैक फुटेड नेवला दिन में 21 घंटे सोता है और रात के समय सिर्फ शिकार करने के लिए जागता है.