'ग्राउंड हो जाएंगी सभी ईरानी एयरलाइंस…', जंग में ट्रंप का नया हथियार; क्या है तेहरान को सबक सिखाने की रणनीति?

ईरान के खिलाफ युद्ध में नया हथियार चलाते हुए अमेरिकी सरकार ने कड़ा फैसला किया है. ईरान की एयरलाइंस के खिलाफ आदेश पारित करने की तैयारी है, जिसके बाद ईरान की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका लग सकता है.

US Iran War | Middle East | Iran Airlines

अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने का नया रास्ता निकाला है. (Credit- ANI/AI)

विज्ञापन

मिडिल ईस्ट फरवरी 2026 से चल रही की जंग को जीतने के लिए अमेरिका ने नया दांव खेला है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धक्षेत्र में ईरान को मात देने के लिए एक नया हथियार निकाला है. दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सभी एयरलाइंस को दुनियाभर में प्रतिबंधित यानी ग्राउंड करने का फैसला किया है. ऐसा होने पर ईरान पर बड़ा आर्थिक संकट मंडरा जाएगा. वहीं दुनियाभर में ईरानी एयरलाइंस की उड़ानें रुक जाएंगी. क्योंकि इस मामले में ईरान की मदद करने वाले देशों पर भी कार्रवाई हो सकती है. अमेरिका की वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने धमकी दी है कि ईरानी एयरलाइंस के लिए विदेशों में काम करना नामुमकिन हो सकता है.

मीडिया से तकरार के बीच व्हाइट हाउस ने लॉन्च किया ‘ट्रंप TV’, क्यों नाराज हुए US राष्ट्रपति; जानिए क्या है पूरा विवाद

Advertisment

23 सितंबर को आदेश जारी कर सकते हैं ट्रंप

अमेरिका की धमकी के अनुसार, दुनियाभर में ईरान की सिर्फ एयरलाइंस ही बैन नहीं होंगी, बल्कि ईरान की एयरलाइंस और विमानों को जगह देने वाले एयरपोर्ट, ईरानी एयरलाइंस की टिकट बेचने वाली कंपनियों, जेट फ्यूल सप्लायर्स और एयरलाइंस के बिजनेस पार्टनर्स पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. आगामी 23 सितंबर को ट्रंप सरकार एक आदेश पारित करके दुनियाभर में ईरान की एयरलाइंस को ग्राउंड कर सकती है. अब से पहले अमेरिका ईरान की एविएशन इंडस्ट्री पर प्रतिबंध लगा चुका है और अब एयरलाइंस को बैन करके आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है. ईरान को इकोनॉमिक डी-डे की चेतावनी भी दी गई थी.

कई देशों ने ईरानी एयरलाइंस की उड़ानें रोकी

अमेरिकी सरकार का कहना है कि पैसे का मोहताज बनाकर ईरान की अर्थव्यवस्था को तबाह किया जाएगा. हालांकि ईरानी एयरलाइंस को बैन करने के ट्रंप सरकार के फैसले पर ईरान ने कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन धमकी के बाद कई देशों ने ईरानी एयरलाइंस के खिलाफ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं. इराक ने ईरानी एयरलाइंस की उड़ानों को रोक लगा दी है. जॉर्जिया ने भी ईरानी एयरलाइंस को उड़ान भरने से रोक दिया है. तुर्किये की सरकार ने भी ईरान एयरलाइंस की उड़ानों पर रोक लगा दी है. बता दें कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों की वजह से ईरान के लिए एयरलाइंस का संचालन और विमानों का रखरखाव मुश्किल हो गया है.

विज्ञापन

ईरान की IRGC की अमेरिका को सख्त चेतावनी

IRGC के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल मुस्तफा इजादी ने अमेरिका और ट्रंप सरकार को सख्त चेतावनी दी है. ईरान मिसाइल, ड्रोन, क्रूज मिसाइल, साइबर सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत कर रहा है और अमेरिका के साथ जंग जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है. अमेरिका और इजरायल युद्धक्षेत्र में ईरान के खिलाफ अपने लक्ष्य न कभी पूरे कर पाए और न कभी पूरे कर पाएंगे. ईरान की इस्लामिक रेजिस्टेंस फ्रंट युद्धक्षेत्र में पूरी तरह एक्टिव है और यमन में ईरान के समर्थक हूती विद्रोही भी दुश्मनों का मुकाबला कर रहे हैं. अमेरिका का हर सहयोगी अब ईरान का कट्टर दुश्मन होगा.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ