Earthquake: पापुआ न्यू गिनी में लगे भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 7 रही तीव्रता; तिब्बत में भी डोली धरती

Earthquake Tremors Felt In Bihar Many Districts

बिहार के कई जिलों में भूकंप के झटके लगे हैं।

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Earthquake: पापुआ न्यू गिनी में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई है। फिलहाल, किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई आशंका नहीं जताई गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, सोमवार सुबह पापुआ न्यू गिनी में आया भूकंप तटीय शहर वेवाक से 97 किलोमीटर (60 मील) की दूरी पर 62 किलोमीटर की गहराई में आया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिब्बत के शिजांग शहर में भी रविवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रात करीब 1:12 बजे शिजांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर सड़क और मैदान में आ गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है।

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बता दें कि रविवार की सुबह 11 बजे मध्य प्रदेश के जबलपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 दर्ज की गई थी। बता दें कि पृथ्वी के अंदर कुल 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जब आपस में इनकी टक्कर होती है तो जमीन कांपने लगती है, जिसे भूकंप कहा जाता है। भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं।

भूकंप के दौरान क्या करें? 

  • भूकंप आने की स्थिति में हमेशा शांत रहना चाहिए और दूसरों को आश्वस्त करना चाहिए।
  • घटना के दौरान, हमेशा सबसे सुरक्षित जगह की तलाश करनी चाहिए। जैसे- खुली जगह, इमारतों से दूर खड़े होना चाहिए।
  • घर के अंदर रहने वाले वैसे लोग जो समय रहते नहीं निकल पाते, उन्हें डेस्क, टेबल या बिस्तर के नीचे छिप जाना चाहिए। साथ ही शीशे वाले खिड़कियों से दूर रहना चाहिए।
  • शांत रहते हुए इमारत से बाहर जाने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे भगदड़ मच सकती है।
  • यदि बाहर हैं तो इमारतों और बिजली के तारों से दूर हट जाना चाहिए और चलते वाहनों को तुरंत रोक देना चाहिए।

कितनी तीव्रता वाला भूकंप कितना खतरनाक

  • 0 से 1.9- सिर्फ सिस्मोग्राफी से पता चलेगा।
  • 2 से 2.9- हल्के झटके लगते हैं।
  • 3 से 3.9- कोई तेज रफ्तार गाड़ी आपके बगल से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।
  • 4 से 4.9- खिड़कियां हिलने लगती है। दीवारों पर टंगे सामान गिर जाते हैं।
  • 5 से 5.9- घरों के अंदर रखे सामान जैसे फर्नीचर आदि हिलने लगते हैं।
  • 6 से 6.9- कच्चे मकान और घर गिर जाते हैं। घरों में दरारें पड़ जाती है।
  • 7 से 7.9- बिल्डिंग और मकानों को नुकसान होता है। गुजरात के भुज में 2001 और नेपाल में 2015 में इतनी तीव्रता का भूकंप आया था।
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  • 8 से 8.9- बड़ी इमारतें और पुल धाराशायी हो जाते हैं।
  • 9 और उससे ज्यादा- सबसे ज्यादा तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे भी धरती हिलती हुई दिखेगी। जापान में 2011 में सुनामी के दौरान रिक्टर स्केल पर तीव्रता 9.1 मापी गई थी।
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