Iran Attacks US Military Base: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग में अमेरिका का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान ने UAE, सऊदी और जॉर्डन में अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) डिफेंस सिस्टम पर हमला किया है। हमले में जॉर्डन में तैनात सिस्टम तबाह हो गया है। इस सिस्टम की कीमत 22000 करोड़ है और अमेरिका के पास ऐसे सिर्फ 7 सिस्टम हैं और एक सिस्टम का तबाह होना अमेरिका के लिए बड़ा सैन्य नुकसान माना जा रहा है।
हमले में THAAD का रडार डैमेज हुआ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर लगे THAAD के रडार सिस्टम पर मिसाइल से हमला किया। हमले में सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचा। एक THAAD करीब 22000 करोड़ का है और THAAD के रडार सिस्टम की कीमत 2700 करोड़ (300 मिलियन डॉलर) है। रडार ही THAAD सिस्टम का बेहद अहम हिस्सा होता है। यही सिस्टम दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और ट्रैक करने का काम करता है।
अमेरिका का THAAD कहां-कहां तैनात?
बता दें कि अमेरिका के पास 7 THAAD सिस्टम हैं। इनमें से एक सिस्टम अमेरिका में ही तैनात है। बाकी सिस्टम साउथ कोरिया, UAE, इजरायल, सऊदी अरब, गुआम आइलैंड और कुछ मिडिल ईस्ट के देशों में अस्थायी तौर पर एक सिस्टम तैनात है। जिसे जहां जरूरत पड़ती है, वहां शिफ्ट कर लिया जाता है। जॉर्डन में जिस THAAD सिस्टम पर हमला हुआ है, उसे वहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने की सिक्योरिटी के लिए तैनात किया गया था, लेकिन नुकसान हो गया।
THAAD में 8 लॉन्चर और 48 मिसाइलें
बता दें कि एक THAAD सिस्टम में 6 लॉन्चर ट्रक हैं और हर लॉन्चर में 8 इंटरसेप्टर मिसाइले हैं, यानी कुल 48 मिसाइलें इसमें इंस्टॉल होती हैं। इस सिस्टम में AN/TPY-2 रडार होता है, जो दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को डिटेक्ट करके उन्हें आसमान में ही नष्ट कर देता है। मिसाइल को डिटेक्ट करने और उसे नष्ट करने में सिस्टम को कुछ सेंकड लगते हैं। यह सिस्टम हिट टू किल टेक्निक पर काम करता है। इसमें ट्रक माउंटेड मोबाइल सिस्टम लगा है।