कुत्तों से हवस बुझाता, पीट-पीट कर मार देता; वैज्ञानिक को हो सकती है 249 साल की जेल

Scientist Sentenced For Animal Cruelty: अमेरिका में एक शख्स को घिनौने कांड के लिए 249 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। आखिरी सांस तक जेल में सड़ेगा। उसने एक जानवर के साथ दरिंदगी की हदें पार की हैं। आइए जानते हैं कि आखिर मामला क्या है?

Animal Cruelty Zoologist Adam Britton Sentenced 249 Year Jail for Dogs Rape Murder

पुलिस और कोर्ट दोनों ने मामले को घिनौना और जघन्य बताया।

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Zoologist Raped Dogs And Murdered Brutally: जानवरों को साथ क्रूरता से भरा व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। एक शख्स कुत्तों से हवस बुझाकर उन्हें पीट-पीट मार देता था। इस घिनौने कांड के लिए शख्स को कोर्ट ने 249 साल की जेल की सजा सुनाई जा सकती है। वह अपने दरिंदगी भरे कांड के लिए खौफनाक मौत मरेगा। आखिरी सांस तक जेल में ही सड़ेगा।

घटना ऑस्ट्रेलिया की है और मिरर न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट ने मामले की पुष्टि की। दोषी की पहचान जूलॉजिस्ट (प्राणी विज्ञानी) एडम ब्रिटन के रूप में हुई है, जिसे 60 से ज्यादा कुत्तों के साथ बलात्कार करने और उनकी हत्या करने के लिए 249 साल की जेल की सजा हो सकती है। एडम ऑस्ट्रेलिया के डार्विन शहर में अपने घर में ही कुत्तों के साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम देता था।

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आरोपी के वकील ने कोर्ट में पेश की नई रिपोर्ट

द मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, एडम कुत्तों से कुकर्म करने, उन्हें प्रताड़ित और उनकी हत्या करने की घटना को रिकॉर्ड भी करता था। उसने यह घिनौना कांड करने को घर में एक शिपिंग कंटेनर रखा हुआ था। एडम के खिलाफ चल रहे केस की सुनवाई अगस्त महीने में होगी, जो आखिरी होगी और उसी सुनवाई में सजा सुनाई जाएगी। एडम के वकील ने न्यूट सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश माइकल ग्रांट के समक्ष एक रिपोर्ट पेश की है।

वहीं सुनवाई के दौरान पशु प्रेमियों ने कोर्ट में हंगामा किया तो उन्हें कोर्ट से बाहर निकाल दिया गया था, क्योंकि वे पशु क्रूरता के लिए एडम को मौत की सजा देने की मांग कर रहे हैं। ब्रिटन ने 60 से ज्यादा कुत्तों के साथ क्रूर व्यवहार करने के आरोप स्वीकार किए हैं, लेकिन आखिरी फैसला आने से पहले एडम के वकील ने एक नई रिपोर्ट पेश करके उस पर विचार करने की मांग रख दी और सुनवाई अगस्त महीने के लिए टल गई।

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वकील का दावा- पश्चाताप करना चाहते हैं एडम

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एडम के वकील ने दावा किया कि उनके क्लाइंट का जेल में मेंटल चेकअप हुआ है। करीब 30 घंटे चली जांच के बाद उनकी मौजूदा मेंटल हेल्थ के बारे में रिपोर्ट में बताया गया है, जिस पर जज को विचार करना चाहिए। एडम पश्चाताप करना चाहते हैं और उनके पुनर्वास की संभावनाएं भी हैं।

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एक गंभीर बीमारी से पीड़ित एडम

रिपोर्ट के अनुसार, एडम के वकील ने दावा कि है कि वह एक गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। जब उसने क्राइम किया तो वह ‘पैराफिलिया’ बीमारी का शिकार था। वह बचपन से ही बीमारी से पीड़ित है, इसलिए उसने जो अपराध किए, इसमें उसकी कोई गलती नहीं है। उनके लिए इस बीमारी के साथ जीना आसान नहीं था, इसलिए उनकी सजा कम किए जाने पर विचार किया जाना चाहिए।

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कौन है एडम ब्रिटन?

द मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, एडम ब्रिटन 1971 में जन्मा था और वेस्ट यॉर्कशायर उसका जन्मस्थान है। उसने लीड्स यूनिवर्सिटी से जूलॉजी में ग्रेजुएशन किया और ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी से PHD की। वह एक मगरमच्छ विशेषज्ञ है और उसे दुनिया का सबसे बुरा एनिमल एब्यूजर भी कहा जाता है। वह चार्ल्स डार्विन यूनिवर्सिटी में बतौर सीनियर रिसर्चर काम करता था, लेकिन उस पर पशु क्रूरता और चाइल्ड एब्यूजिंग के 35 से ज्यादा आरोप हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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