Nagpur Mother Son Asia Book of Record: दुनिया प्रतिभाशाली लोगों से भरी पड़ी है। हर इंसान के अंदर कोई न कोई टैलेंट होता है, लेकिन उस टैलेंट के बारे में कोई जान जाता है तो किसी को उम्र बीतने तक पता नहीं चलता। वहीं जिन लोगों को अपने टैलेंट का पता चला जाता है, वे उसे ऐसे इस्तेमाल करते हैं कि इतिहास रच जाते हैं। ऐसा ही एक इतिहास महाराष्ट्र के नागपुर में रहने वाले 11 साल के शिवांश और उसकी मां सुप्रिया ने रचा है। दोनों का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। वहीं दोनों की उपलब्धि को देखते हुए पूर्व सांसद अशोक नेते ने उनका अभिनंदन किया।
एक कार्यक्रम में इंडिया एंड एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संयोजक डॉ. उदय बोधनकर, राजीव भुसारी और प्रोफेसर डॉ. श्रीराम सोनावणे को भी सम्मानित किया गया। सुप्रिया की गुरु वैशाली कोढ़े और शिवांश की गुरु गौरी कोधे को भी पदक, प्रशस्ति पत्र, उपहार और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन रेडियो जॉकी फरहान ने किया था। वहीं कार्यक्रम के बाद News24 के पत्रकार शिवांश के घर पहुंचे औ शिवांश व उसकी मां सुप्रिया से उनके टैलेंट के बारे में जाना। देखिए ये स्पेशल रिपोर्ट…
संबंधित खबरें
न्यूजीलैंड ODI सीरीज के लिए ऐसा हो सकता है टीम इंडिया का स्क्वाड
7 hrs agoवृषभ राशि वाले नवरात्रि में करें दुर्गा सप्तशी का पाठ, मिलेगा आर्थिक लाभ
7 hrs agoइलाज के लिए तड़पता रहा बेटा, बुजुर्ग मां से लगवाया पोंछा, वीडियो वायरल
21 hrs agoअगरकर की विदाई के बाद इन खिलाड़ियों की हो सकती टीम इंडिया में वापसी
21 hrs agoIND vs WI: टीम इंडिया को चौथे T20 मुकाबले में जीता सकते हैं ये 5 खिलाड़ी
1 day agoनवरात्रि में कैसे करनी चाहिए पूजा? पंडित सुरेश पांडेय ने बताया सही तरीका
1 day agoवेस्टइंडीज के खिलाफ तूफानी अर्धशतक से अभिषेक शर्मा ने तोड़े 7 बड़े रिकॉर्ड
1 day agoनवरात्रि व्रत के दौरान इन नियमों का रखें ध्यान, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल
1 day agoयूपी कांग्रेस की कमान संभालते ही आराधना मिश्रा ने दिया ये बड़ा बयान
1 day agoआज जरूर करें गणेश जी और नवग्रहों की स्थापना, यहां जानिए
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines