आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर के तेजी से बढ़ते कारोबार के बीच अदाणी समूह ने अमेरिकी कंपनी जैबिल इंक. के साथ साझेदारी की दिशा में कदम बढ़ाया है. अदाणी एंटरप्राइजेज और जैबिल ने भारत में AI और डेटा सेंटर से जुड़े उपकरणों के निर्माण के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर बनाने को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस प्रस्तावित साझेदारी के तहत देश में AI रैक, सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग उपकरण और बिजली व कूलिंग से जुड़े सिस्टम का निर्माण तथा असेंबलिंग की जाएगी.
हालांकि, यह समझौता फिलहाल नॉन-बाइंडिंग है. जॉइन्ट वेंचर की स्थापना के लिए दोनों कंपनियों को अंतिम समझौतों, जरूरी मंजूरियों और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा. कंपनियों ने इससे पहले जून 2026 में भारत में AI और डेटा सेंटर हार्डवेयर निर्माण का इकोसिस्टम विकसित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की मंशा जताई थी.
AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बनेंगे कई तरह के उपकरण
प्रस्तावित संयुक्त उद्यम का मुख्य उद्देश्य AI आधारित कंप्यूटिंग सिस्टम के लिए जरूरी हार्डवेयर भारत में तैयार करना है. इसके तहत ऐसे रैक बनाए जाएंगे, जिनमें उच्च क्षमता वाले कंप्यूटिंग सिस्टम लगाए जाते हैं. इनका इस्तेमाल AI मॉडल चलाने, डेटा प्रोसेसिंग और अन्य डिजिटल सेवाओं के लिए किया जाता है.
इसके अलावा, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरणों के साथ बिजली वितरण इकाइयों, लिक्विड कूलिंग सिस्टम और ट्रांसफॉर्मर जैसे उपकरण भी इस परियोजना का हिस्सा होंगे. कंपनियों के मुताबिक, इस इकाई में कई गीगावाट क्षमता वाले AI रैक के निर्माण की व्यवस्था विकसित करने की योजना है. उपकरणों की स्थापना और उन्हें चालू करने से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि AI क्रांति के लिए केवल नए एल्गोरिदम पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि ऊर्जा, बड़े डेटा सेंटर, उन्नत कंप्यूटिंग और आधुनिक विनिर्माण को एक साथ विकसित करना होगा. वहीं, जैबिल के CEO माइक डैस्टूर ने कहा कि यह साझेदारी भारत में बड़े स्तर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की दिशा में अगला कदम है.
2030 तक 8 GW तक पहुंच सकती है भारत की क्षमता
कंपनियों के अनुमान के अनुसार, भारत में डेटा सेंटर की कुल क्षमता 2030 तक 5 से 8 गीगावाट के बीच पहुंच सकती है. क्लाउड सेवाओं के विस्तार, AI के बढ़ते इस्तेमाल और डेटा स्थानीय स्तर पर रखने की जरूरत से इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना है. दोनों कंपनियों ने अगले सात वर्षों में वैश्विक AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार में 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का अवसर होने का अनुमान जताया है. साथ ही, भारत में डेटा सेंटर, क्लाउड और AI से जुड़े क्षेत्रों में हाइपरस्केल कंपनियों के 50 अरब डॉलर से अधिक के नियोजित खर्च का भी उल्लेख किया है.
अदाणी के 100 अरब डॉलर के निवेश लक्ष्य से जुड़ी योजना
यह प्रस्तावित साझेदारी अदाणी समूह की उस योजना से भी जुड़ी है, जिसके तहत 2035 तक 5 गीगावाट क्षमता वाले ग्रीन एनर्जी आधारित, AI के अनुकूल हाइपरस्केल डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 100 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई गई है. जैबिल के लिए भी यह साझेदारी भारत में डेटा सेंटर उपकरणों के निर्माण का विस्तार करने का अवसर है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 36 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया था.