Alpayu Yog: जन्म कुंडली में ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण वक्त-वक्त पर शुभ-अशुभ योग का निर्माण होता है, जिनका असर व्यक्ति के जीवन के किसी विशेष पहलू पर होता है. खासकर, अल्पायु योग के कारण व्यक्ति बीमारियों से घिरा रहता है.
प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय बताते हैं कि जब कुंडली में चंद्रमा पापी ग्रहों के साथ होता है तो अल्पायु योग बनता है. इसके अलावा जन्म कुंडली का लग्नेश छठे भाव में व छठे भाव का स्वामी लग्न में हो तो तब भी अल्पायु योग बनता है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति जीवनभर बीमार रहता है. साथ ही उसकी आयु ज्यादा नहीं होती है.
हालांकि, नियमित रूप से कुछ उपायों को करके अल्पायु योग के प्रभाव को कम किया जा सकता है. अल्पायु योग के प्रभाव के बारे में और व इससे बचने के उपाय आपको ऊपर दिए गए वीडियो में मिल जाएंगे.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.









