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कौन हैं जारवा जनजाति के लोग? अजनबियों को समझते हैं खतरा, देखते ही देते हैं मार

Jarawa Tribe: जारवा जनजाति भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पाई जाती है. इस जनजाति के लोग बाहरी दुनिया से बहुत कम संपर्क रखते हैं. यह लोग पारंपरिक तौर पर अपना जीवन जीते हैं. जारवा लोग बाहरी लोगों पर भरोसा नहीं करते हैं.

Author Edited By : Aman Maheshwari
Updated: Feb 22, 2026 14:47
Jarawa Tribe
Photo Credit- Social Media

Jarawa Tribe: जारवा जनजाति के लोग दुनियाभर में पाई जाने वाली अलग-अलग जनजातियों में से बहुत अलग है. यह जारवा जनजाति भारत में पाई जाती है. जारवा जनजाति के लोग हजारों सालों से अंडमान के जंगलों में रह रहे हैं. जारवा जनजाति अपनी पारंपरिक जीवनशैली और बाहरी दुनिया से दूरी बनाकर रहने के लिए जानी जाती है. यह लोग अजनबियों को खतरा मानते हैं. यह जनजाति से अलग दूसरे बाहरी लोगों को देखकर उनके ऊपर हमला कर देते हैं.

नहीं करते दूसरों पर भरोसा

जारवा जनजाति के लोग बाहरी लोगों पर भरोसा नहीं करते हैं. यह लोग बिना वजह के हिंसक नहीं होते हैं लेकिन अपने क्षेत्र और जीवन की रक्षा के लिए दूसरे लोगों पर भरोसा नहीं करते हैं. यह अनजान लोगों को खतरा मानकर उनके ऊपर हमला कर देते हैं. यह अपनी सुरक्षा के लिए अजनबियों पर तीर-कमान से हमला करते हैं. कई बार यह दूसरे लोगों को देखते ही मार देते हैं.

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जारवा जनजाति के क्षेत्र में जाने पर सख्त रोक

भारत सरकार ने जारवा जनजाति के लोगों को सुरक्षा देने और इनकी संस्कृति को बचाने के लिए इनके क्षेत्र में आम लोगों के जाने पर रोक लगाई हुई है. इनके क्षेत्र में जाने की सख्त मनाही है. ऐसा इनकी पारंपरिक जीवनशैली और अस्तित्व सुरक्षित रखने के लिए किया गया है. बता दें कि, जारवा जनजाति के लोग शिकार, मछली पकड़कर और जंगल के फलों पर निर्भर रहते हैं.

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अंडमान द्वीप के घने जंगलों में रहते हैं जारवा लोग

जारवा जनजाति के लोग अंडमान द्वीप के घने जंगलों में रहते हैं. यह लोग दक्षिण और मध्य अंडमान के इलाकों में पाए जाते हैं. यह जंगल में धनुष-बाण से शिकार करते हैं. यह इनकी खास पहचान है. यह बहुत ही प्राचीन जनजाति है. यह हजारों साल पुरानी जनजातियों में से एक माना जाती है. जारवा जनजाति की आबादी करीब 400-500 के करीब मानी जाती है. इनकी संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने इनके क्षेत्र को सरंक्षित घोषित किया है.

First published on: Feb 22, 2026 02:47 PM

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