क्या आपने गौर किया है कि सर्दी में सांप नजर आने बंद हो जाते हैं. वो कहां चले जाते हैं. ठंड के मौसम में उनका व्यवहार कैसा होता है, वो कैसे नींद लेते हैं, इस बारे में अकसर लोगों के मन में सवाल उठते हैं. सांपों के बारे में जानने में ज्यादातर लोगों के मन में दिलचस्पी बनी रहती है. इंसानों की तरह वो भी काम करते हैं , लेकिन नींद और गतिविधियों के मामले में सांप काफी अलग होते हैं. रीवा के बिटनरी हॉस्पिटल के प्रोफेसर एंड डॉ एके मिश्रा ने एक इंटरव्यू के दौरान इस बारे में कई रोचक तथ्य बताए हैं.
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सर्दी में सांप का खून जमता है
सांपों का जीवन रहस्यों से भरा है. डॉ एके मिश्रा ने बताया कि सांप एक कोल्ड ब्लडेड एनिमल है.ठंड के वक्त उनके शरीर में ब्लड जम जाता है. जिसकी वजह से सांप को किसी भी तरह की मूवमेंट करने में मुश्किल होती है. अगर सांप को भूख भी लगती है तो भी वो भोजन नहीं कर पाते. ये पूरी प्रक्रिया उनके लिए बेहद दर्दनाक होती है. यही वजह है कि ठंड के मौसम में सांप काफी आक्रामक होते हैं. सांप धूप होती ही शीत पीने लगते हैं जिससे उनका नशा होने लगता है, वो पूरा वक्त एक ही जगह पर पड़े-पड़े बिता देते हैं. लेकिन इस दौरान गलती से किसी का पैर अगर उनपर पड़ गया तो सांप के जहर से बच पाना उसके लिए नामुमकिन साबित हो सकता है.
सर्दी में कम दिखते हैं सांप
ठंड के अलावा बाकी दिनों में भी सांप ज्यादातर सुप्तावस्था में ही रहते हैं. औसतन एक सांप 24 घंटे में से 16 घंटे सिर्फ एक ही जगह लेटा रहता है. ऐसे जीव जो कम ऊर्जा खर्च करते हैं उनके लिए ज्यादा सोना ही सही माना जाता है. इसे विज्ञान की भाषा में हाइबरनेशन या शीतनिद्रा कहा जाता है. इस अवस्था में सांप अपने शरीर का तापमान वातावरण के हिसाब से ढाल लेता है और उसे फिर उसे लंबे समय तक भूखा रह सकता है. यही वजह है कि सर्दियों में सांप कम नजर आते हैं. सर्दी में वो अपने लिए भूसा, धान की पराली जैसा सेफ स्पेस ढूंढ लेते हैं और घंटों उसमें आराम करते हैं. आखिरी बार किए हुए शिकार से मिली ऊर्जा से ही वो जिंदा रहते हैं.
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