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उत्तराखंड में यहां है स्वर्ग और नरक का द्वार, गुफा में छिपा है दुनिया के खत्म होने का रहस्य! क्या आपने देखी है ये सहस्यमयी जगह

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में गंगोलीहाट से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गुफा लगभग 160 मीटर लंबी और 90 फीट गहरी है और अपने आप में एक रहस्यलोक है.

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Patal Bhuvaneshwar Temple: उत्तराखंड की देवभूमि में ऐसी कई जगहें हैं जो न सिर्फ धार्मिक महत्व रखती हैं, बल्कि अपने रहस्यों के कारण दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर खींचती हैं. इन्हीं में से एक है पाताल भुवनेश्वर मंदिर, जहां की गुफा को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं. यह गुफा मंदिर न सिर्फ भक्तों के लिए एक आस्था का केंद्र है, बल्कि इसकी प्राकृतिक संरचना और रहस्यमयी कहानियां हर किसी को हैरान कर देती हैं. पाताल भुवनेश्वर मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको 90 फीट गहरी गुफा में नीचे उतरना होता है.

गुफा में प्रवेश करते ही नजर आते हैं शेषनाग


यहां आने वाले श्रद्धालुओं को पतली और ऊबड़-खाबड़ सुरंगों के जरिए बड़ी सावधानी से उतरना पड़ता है. दोनों तरफ लोहे की चेन लगी होती हैं, ताकि भक्त सुरक्षित रहें. अंदर जाना और बाहर निकलना दोनों ही बहुत मुश्किल है, लेकिन भक्तों की आस्था इतनी गहरी है कि वे हर रुकावट को पार कर यहां तक पहुंच जाते हैं. गुफा में प्रवेश करते ही आपको शेषनाग की आकृति दिखाई देती है. स्थानीय लोग मानते हैं कि धरती इन्हीं के फन पर टिकी हुई है.

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स्वर्ग, नरक, मोक्ष और पाप के चार द्वार


यहां भगवान महादेव शिव का निवास होने की मान्यता है, जिसके कारण यह स्थान देवभूमि का सबसे रहस्यमय और पूजनीय स्थल माना जाता है. मंदिर के भीतर स्वर्ग, नरक, मोक्ष और पाप के चार अद्भुत द्वार हैं. ये द्वार जीवन के चार चरणों और कर्मों का प्रतीक माने जाते हैं. इसके अलावा, यहां 33 करोड़ देवी-देवताओं के स्वरूप और भगवान गणेश के सिर के दर्शन एक साथ होते हैं, जो इस स्थान को और भी विशेष बनाता है.

दुनिया का अंत होने का रहस्य


इस गुफा में स्थित शिवलिंग की एक विशेष मान्यता है. कहा जाता है कि यह शिवलिंग लगातार बढ़ रहा है और जब यह गुफा की छत को छू लेगा, तो दुनिया का अंत हो जाएगा. यही बात इस स्थान को और भी रहस्यमय बनाती है. आपको बता दें कि पाताल भुवनेश्वर मंदिर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में गंगोलीहाट से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह गुफा लगभग 160 मीटर लंबी और 90 फीट गहरी है और अपने आप में एक रहस्यलोक है.

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First published on: Nov 09, 2025 10:24 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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