शख्स ने 23 लाख छोड़ 18 लाख सालाना देने वाली कंपनी की ज्वाइन, सामने आई ये बड़ी वजह

सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि जो कंपनी ज्यादा सैलरी दे रही थी उसमें हफ्ते में 6 दिन वर्क कल्चर था, जबकि कम पैसे देने वाली में केवल 5 दिन काम करना है।

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TCS ने की सैलरी में कटौती

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Employee Turned Down Rs 23 Lakh For A Rs 18 Lakh Package: नौकरी में हर व्यक्ति अपनी बेहतरी चाहता है, कर्मचारी चाहता है कि उसकी सैलरी ज्यादा हो और वह लगातार बढ़ती ही रहे। लेकिन एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले शख्स ने इससे कुछ उलट किया है। दरअसल, इस शख्स ने 23 लाख सालाना देने वाली कंपनी को छोड़ ऐसे कंपनी को ज्वाइन किया है जो उसे महज 18 लाख सालाना ऑफर कर रही है।

दरअसल, ये पूरी कहानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म linkedin पर एक युवक ने शेयर की है। उसने बताया कि उसके एक दोस्त ने कम सैलरी देने वाली कंपनी को ज्वाइन किया है। जबकि वह उसके इस निर्णय से सहमत नहीं था। लेकिन आगे उसने अपनी पोस्ट में कहा कि जब उसके दोस्त ने इसका कारण बताया तो वह उससे संतुष्ट हो गया।

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दोनों कंपनियों में ये है अंतर

पोस्ट में कहा गया कि जो कंपनी उसके दोस्त को ज्यादा सैलरी दे रही थी उसमें हफ्ते में 6 दिन वर्क कल्चर था। जबकि जो कम पैसे ऑफर कर रही है उसमें 5 दिन ही काम पर जाना है। इसके अलावा ज्यादा पैसे देने वाली कंपनी में वर्क फ्रॉम होम नहीं है, बल्कि कम पैसे दे रही कंपनी उसे वर्क फ्रॉम होम ऑफर करती है। इसके अलावा उसके दोस्त ने कहा कि कम पैसे देने वाली कंपनियों में कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं, पुरानी कंपनी में लगातार उसका स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा था।

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यूजर कर रहे कमेंट

linkedin पर की गई पोस्ट पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा यह सबसे अच्छा फैसला है। मैं किसी भी समय बेहतर पैकेज के बजाय बेहतर माहौल को चुनूंगा, क्योंकि मैंने दोनों का अनुभव किया है। दिन के अंत में आपको शांति की आवश्यकता होती है। सैलरी महीने में एक बार आती है, और सबसे ऊपर आपको एक सप्ताह तक प्रेरित रखता है। बाकी महीने आपको लचीलेपन, शांति, अच्छे माहौल की जरूरत है।

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Amit Kasana

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अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
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