महापंचायत पर बवाल, लाठीचार्ज, भगदड़...गाजियाबाद में डासना मंदिर के बाहर जुटे 36 बिरादरियों के लोग

Ghaziabad Police Lathicharge: यति नरसिंहानंद मामले में गाजियाबाद के डासना मंदिर के बाहर खूब बवाल हुआ। पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का मुक्की और हाथापाई हुई, जिस कारण पुलिस को सख्त रवैया अपनाना पड़ा।

Police Lathicharge

मंदिर में घुसने की कोशिश करते हुए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की गई।

Clash Outside Ghaziabad Dasna Devi Mandir: महंत यति नरसिंहानंद द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी का विवाद गहराता जा रहा है। आज रविवार को मामले में कोई फैसला लेने के लिए गाजियाबाद के डासना मंदिर में 36 बिरादरियों की महापंचायत बुलाई गई, लेकिन पुलिस ने महापंचायत करने की परमिशन नहीं दी। इतना ही नहीं महापंचायत के नेताओं को रात को ही हिरासत में ले लिया और मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग करके रास्ता रोक दिया। जिलेभर में CRPC की धारा-163 लागू कर दी। साथ ही कुछ लोगों को मंदिर में जाने दिया। बाकी को बाहर रोक दिया।

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भाजपा विधायक ने हाईवे पर लगाई पंचायत

रोक के बावजूद 36 बिरादरियों के करीब एक हजार लोग और भाजपा विधायक नंदकिशोर अपने समर्थकों के साथ मंदिर में जाने की कोशिश करने लगे। लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की तो इस दौरान पुलिस ने उनका टकराव हो गया। पुलिस ने जबरन मंदिर में घुसने की कोशिश कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया, इससे भगदड़ मच गई। पुलिस ने लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और करीब 50 लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में भाजपा विधायक नंदकिशोर समर्थकों संग हाईवे-9 पर सड़क पर ही बैठ गए और पंचायत करते हुए विरोधी नारेबाजी करने लगे।

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बैरिकेडिंग तोड़ने पर करना पड़ा लाठीचार्ज

DCP ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली से लोग महापंचायत के लिए पहुंचे। 50 से ज्यादा संतों का जत्था रात को ही पहुंच गया था। जब उन्हें मंदिर में जाने से रोका गया तो उन्होंने ऐलान किया कि पुलिस जहां रोके, वहीं महापंचायत करो। यति नरसिंहानंद का अभी तक सुराग नहीं लगा है। वे पिछले 7 दिन से गायब हैं। उनके समर्थक पुलिस पर महंत को गायब करने के आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस खुद यति नरसिंहानंद को तलाश रही है। महापंचायत में जाने के लिए लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। रोकने पर वे हाथापाई करने लगे तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। विधायक नंदकिशोर गुर्जर को भी मंदिर में जाने से रोका गया तो वे हाईवे पर ही धरना देने लगे।

क्या है मामला?

बता दें कि गत 29 सितंबर को गाजियाबाद के हिन्दी भवन में एक प्रोग्राम हुआ, जिसमें डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि आए। यहां उन्होंने अपने संबोधन में पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की। इस टिप्पणी से मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क गए। उन्होंने 3 अक्टूबर को थाना सिहानी गेट पुलिस स्टेशन में महंत के खिलाफ FIR दर्ज कराई। 4 अक्टूबर को महंत की गिरफ्तारी के लिए विरोध प्रदर्शन किए। मंदिर में जबरन घुसने और तोड़-फोड़ करने की कोशिश की। गाजियाबाद पुलिस मामले में करीब 20 FIR दर्ज कर चुकी है। 25 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। मंदिर के बाहर धारा 144 लगाकर इलाके को सील किया हुआ है। महंत यति नरसिंहानंद की तलाश में पुलिस टीमें छापामारी कर रही हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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