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उत्तरप्रदेश के अयोध्या जिले में स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि कल 25 मई को सभी आवश्यक मूर्तियां मंदिर में पहुंचाई जा चुकी हैं। अब ट्रस्ट प्राण प्रतिष्ठा का भी काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान शिव की मूर्ति 31 मई 2025 को स्थापित की जाएगी। साथ ही 3 जून से सभी मूर्तियों की पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी। प्रदर्शनी और ऑडिटोरियम का निर्माण हाल ही में शुरू हुआ है। इन्हें मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
बता दें कि अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि मंदिर का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा। सप्त मंदिर बनकर तैयार हो गए हैं। जून-जुलाई तक 90% परकोटा का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस साल के अंत तक मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। प्रदर्शनी और ऑडिटोरियम का निर्माण हाल ही में शुरू हुआ है। इन्हें मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भक्तों को अगले 2 महीने में इसके सभी हिस्सों में जाने की अनुमति दी जाएगी।
#WATCH | Ayodhya, UP | Chairman of the Construction Committee of Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra, Nripendra Mishra, says, “…Yesterday, all the required idols reached the temple. Now, the trust will begin the work of Pran Pratishtha… Lord Shiva’s idol will be installed on… pic.twitter.com/rMLOJ1LlHS
— ANI (@ANI) May 24, 2025
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि इस साल 5 जून तक राम मंदिर निर्माण पूरा होने की संभावना है। मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि, श्री वशिष्ठ जी, अहिल्या जी, निषादराज महाराज, शबरी माता और अगस्त्य मुनि के मंदिर भी 5 जून के बाद आम जनता के लिए खुल जाएंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर के परकोटा पर बने राम दरबार और छह मंदिरों की पूजा 5 जून को होगी। चंपत राय 5 जून के लिए विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा करेंगे। राम मंदिर के निर्माण के पूरा होने के दिन यानी 5 जून के एक-दो दिन बाद श्रद्धालु परिसर में स्थित सभी अलग-अलग मंदिरों में दर्शन के लिए जा सकेंगे।
बता दें कि राम मंदिर निर्माण के दौरान आने वाली चुनौतियों पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा कहते हैं कि टीमवर्क ने हमें सभी चुनौतियों का समाधान दिया है। हम हर दिन चुनौतियों का सामना करते हैं और उनका समाधान ढूंढते हैं। इंजीनियरिंग और डिजाइन एक चुनौती थी, क्योंकि हमसे एक ऐसा मंदिर बनाने की उम्मीद की जा रही थी जो अगले 1000 सालों तक किसी भी तरह की आपदा का सामना कर सके।
गौरतलब है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां लाखों लोगों की भीड़ लगती है। लगभग हर दिन श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए आते हैं। बता दें कि अयोध्या स्थित राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को हुआ था। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, जिन्होंने रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लिया था। सबसे पहली पूजा 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के बाद हुई थी, जिसमें महापूजा और महाआरती का आयोजन किया गया था।
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