वाराणसी से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक शख्स की पत्नी की मौत हो गई। पति अपनी पत्नी के शव को छोड़कर फरार हो गया। इसके पीछे की जो वजह सामने आई है, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुके इसी गांव के एक शख्स ने झकझोर देने वाली कहानी सोशल मीडिया पर साझा की है।
राजकुमार गुप्ता ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर कई फोटो साझा किए हैं। इसमें देखा जा सकता है कि कई लोग मिलकर एक महिला के शव का अंतिम संस्कार करने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। वहां कई बच्चे और महिलाएं भी मौजूद हैं। फोटो साझा कर राजकुमार गुप्ता ने फेसबुक पर लिखा है कि “हाय रे गरीबी! अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे, पति पत्नी का शव छोड़ भागा, पड़ोसियों ने चंदा इकट्ठा कर अंतिम संस्कार किया। मामला मेरे गांव कचनार का है।”
पति की सच्चाई आई सामने
राजकुमार गुप्ता के पोस्ट के अनुसार, पति के पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वह अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार करवा सके। ऐसे में वह पत्नी के शव को छोड़कर भाग गया। जब हमने राजकुमार गुप्ता से बातचीत की, तो उन्होंने और भी परेशान कर देने वाले राज से पर्दा उठाया।
राजकुमार के अनुसार, महिला का पति नशेड़ी है। वह नशे के लिए अपनी पत्नी के साथ मारपीट भी करता था। उसके नशे की आदत के कारण ही परिवार गांव छोड़ने पर मजबूर हुआ और दूसरे गांव में रहने लगा। वहां उसकी पत्नी (मृतक महिला) लोगों के घरों में काम करके जीवन यापन करती थी। उसके तीन बच्चे भी हैं, जिन्हें शायद यह तक नहीं पता कि अब उनकी मां जहां गई हैं, वहां से लौटना नामुमकिन है।
यह मामला राजातालाब थाना, तहसील और विकासखंड आराजी लाइन से सटे कचनार गांव का है। 45 साल की सुनिता देवी, पत्नी धर्मेंद्र, बीमारी के चलते इस दुनिया को अलविदा कह गईं। बताया जा रहा है कि इस महिला के पास सरकारी राशन पाने के लिए राशन कार्ड भी नहीं था। राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार मांग की गई थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गांव के लोगों ने मिलकर चंदा इकट्ठा किया और फिर उसका अंतिम संस्कार किया। महिला के अंतिम संस्कार के वक्त पति भी पहुंच गया था, लेकिन अब तीन बच्चों का भविष्य नशेड़ी बाप के हवाले है। बताया जा रहा है कि गांव के ही एक परिवार के पास बच्चे हैं। सभी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि शायद प्रशासन से कोई मदद मिल जाए।