हिट एंड रन केस; 5 दिन बाद भी B.Tech छात्रा की हालत नाजुक, चंदा मांग कर पिता करा रहा इलाज, आरोपी फरार

Greater Noida Hit And Run Case

UP News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में हादसे कार हादसे का शिकार हुई बीटेक की छात्रा स्वीटी कुमारी की हालत पांचवे दिन भी नाजुक बनी हुई है। नोएडा पुलिस अभी तक आरोपी कार चालक की पहचान तक नहीं कर पाई है। वहीं स्वीटी के परिवार वाले चंदा करके उसके इलाज के लिए पैसा जुटा रहे हैं।

विज्ञापन

स्थानीय लोगों से जानकारी के मुताबिक स्वीटी को सफेद रंग की सैंट्रो कार ने टक्कर मारी थी। इससे ज्यादा पुलिस के पास कोई भी जानकारी नहीं है।

विज्ञापन

सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, सुराग नहीं मिला

ग्रेटर नोएडा के बीटा -2 थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। टीमों ने अभी तक 70 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की है। हालांकि जिस रूट पर यह हादसा हुआ, उस पर कैमरे नहीं लगे हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि हमारी टीमें आरोपियों को खोजने की पूरी कोशिश कर रही हैं।

विज्ञापन

बता दें कि 31 दिसंबर की रात 9 बजे एक सैंट्रो कार ने घर जा रहे तीन छात्रों को टक्कर मारी थी। हादसे के बाद राहगीरों ने छात्रों को ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल पहुंचाया। हादसे में बीटेक अंतिम वर्ष की छात्रा स्वीटी कुमारी को गंभीर चोटें आईं।

ये छात्र हुए थे हादसे का शिकार

जबकि अरुणाचल प्रदेश की निवासी करसोनी डोंग और मणिपुर के रहने वाले अंगानबा को मामूली चोटें आई हैंं। उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जानकारी के मुताबिक स्वीटी के माता-पिता 2 जनवरी को बिहार से ग्रेटर नोएडा पहुंचे थे।

विज्ञापन

इस मामले में कैलाश अस्पताल के निदेशक डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि हमने स्वीटी को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया है। फिलहाल वह आईसीयू में है। हम देखेंगे कि वह अपनी सर्जरी पर कैसी प्रतिक्रिया देती है, जिसके बाद हम उसके पैर में लगी अन्य चोटों का इलाज करेंगे। वह धीरे-धीरे रिकवर कर रही है। अपनी आंखें भी खोल रही है, लेकिन उसे ठीक होने में करीब एक माह का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि अगले 3-4 दिन स्वीटी के लिए अहम हैं।

विज्ञापन

गांव में एक दुकान चलाते हैं स्वीटी के पिता

स्वीटी के दोस्तों और चचेरे भाई संतोष ने बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। परिवार में उसके माता-पिता, भाई और बड़ी बहन हैं। उसके पिता किसानी के साथ-साथ पटना के पास दलियामा गांव में एक छोटी सी दवा की दुकान चलाते हैं। उसी से घर चलता है।

उन्होंने बताया कि परिवार ने स्वीटी को उच्च शिक्षा के लिए ग्रेटर नोएडा भेजा था, लेकिन अब वे उसकी जिंदगी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। स्वीटी के इलाज में रोजाना 2 लाख रुपये से ज्यादा का खर्चा हो रहा है। संतोष ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से हमने करीब 4 लाख रुपये जुटाए हैं।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ