MLA Manoj Kumar Pandey Allegation of land Grabbing: रायबरेली के ऊंचाहार से सपा के बागी विधायक मनोज कुमार पांडेय पर दलितों की जमीन हथियाने का आरोप लगा है। वहीं, इससे नाराज दलित समाज धरने पर बैठ गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी पीड़ित दलितों के समर्थन में विकास भवन पहुंचीं, जहां दलित समाज के लोग धरने पर बैठे हुए हैं। रंजना चौधरी ने जिलाधिकारी को धरना स्थल पर बुलाने की मांग की।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिकारियों पर लगाया आरोप
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार है, यहां गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों की अनसुनी का नतीजा है कि आज पूरा दलित समाज धरने पर बैठने के लिए मजबूर हुआ है। उन्होंने कहा कि दलितों के इस मामले को लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी भाजपा की नेत्री हैं।
पिछले साल थामा था भाजपा का दामन
बता दें कि रायबरेली के ऊंचाहार से सपा के बागी विधायक मनोज कुमार पांडेय ने पिछले साल (2024) लोकसभा चुनाव से पहले सपा छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। रायबरेली की ऊंचाहार सीट से तीन बार के विधायक मनोज को रायबरेली के दौलतपुर में चुनावी जनसभा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने पटका पहनाकर भाजपा में शामिल कराया था। वहीं, यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा विधायक मनोज पांडेय के भाई और बेटे राज पांडेय को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई थी।
कौन हैं मनोज पांडेय?
मनोज पांडे रायबरेली की ऊंचाहार सीट से सपा के विधायक हैं। इस जिले में उनका काफी प्रभाव माना जाता है। यही वजह है कि जब से ये सीट बनी है तभी से इस सीट पर वो लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। मनोज पांडे ऊंचाहार सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके साथ ही सपा सरकार में वो मंत्री भी रह चकुे हैं। 2017 के चुनाव में भाजपा की लहर में भी मनोज पांडेय ने अपनी जीत बरकरार रखी थी। 2022 में भी भाजपा ने उन्हें हराने की पूरी कोशिश की। लेकिन, मनोज पांडेय ने तीसरी बार भी अपनी जीत को बरकरार रखा। मनोज कुमार पांडेय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को रायबरेली में हुआ था। उन्होंने कानपुर के फिरोज गांधी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है।
MLA Manoj Kumar Pandey Allegation of land Grabbing: रायबरेली के ऊंचाहार से सपा के बागी विधायक मनोज कुमार पांडेय पर दलितों की जमीन हथियाने का आरोप लगा है। वहीं, इससे नाराज दलित समाज धरने पर बैठ गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी पीड़ित दलितों के समर्थन में विकास भवन पहुंचीं, जहां दलित समाज के लोग धरने पर बैठे हुए हैं। रंजना चौधरी ने जिलाधिकारी को धरना स्थल पर बुलाने की मांग की।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिकारियों पर लगाया आरोप
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार है, यहां गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों की अनसुनी का नतीजा है कि आज पूरा दलित समाज धरने पर बैठने के लिए मजबूर हुआ है। उन्होंने कहा कि दलितों के इस मामले को लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी भाजपा की नेत्री हैं।

पिछले साल थामा था भाजपा का दामन
बता दें कि रायबरेली के ऊंचाहार से सपा के बागी विधायक मनोज कुमार पांडेय ने पिछले साल (2024) लोकसभा चुनाव से पहले सपा छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। रायबरेली की ऊंचाहार सीट से तीन बार के विधायक मनोज को रायबरेली के दौलतपुर में चुनावी जनसभा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने पटका पहनाकर भाजपा में शामिल कराया था। वहीं, यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा विधायक मनोज पांडेय के भाई और बेटे राज पांडेय को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई थी।
कौन हैं मनोज पांडेय?
मनोज पांडे रायबरेली की ऊंचाहार सीट से सपा के विधायक हैं। इस जिले में उनका काफी प्रभाव माना जाता है। यही वजह है कि जब से ये सीट बनी है तभी से इस सीट पर वो लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। मनोज पांडे ऊंचाहार सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके साथ ही सपा सरकार में वो मंत्री भी रह चकुे हैं। 2017 के चुनाव में भाजपा की लहर में भी मनोज पांडेय ने अपनी जीत बरकरार रखी थी। 2022 में भी भाजपा ने उन्हें हराने की पूरी कोशिश की। लेकिन, मनोज पांडेय ने तीसरी बार भी अपनी जीत को बरकरार रखा। मनोज कुमार पांडेय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को रायबरेली में हुआ था। उन्होंने कानपुर के फिरोज गांधी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है।