मौनी अमावस्या से स्नान की विवाद को लेकर ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अवि मुक्टेस्वरा नंद आज मांग मेले से प्रस्थान कर गए. बिना स्नान किये शंकराचार्य के चले जाने के मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि भाजपा के दंभ ने अनादिकाल से चली आ रही सनातनी परंपरा को तोड़ दिया है और अब विश्व का सनातन समाज न सिर्फ इससे आहत है बल्कि अनिश्चित भाई से आशंकित भी है.
बीजेपी चाहती तो शंकराचार्य को त्रिवेणी संगम का स्नान करवा सकती थी
अखिलेश यादव ने यह भी कहा है कि बीजेपी और उसके संगी साथी चाहते तो सत्ता की हनक और अपने अहंकार को त्याग कर अपने कंधों पर उनकी पालकी उठाकर उन्हें त्रिवेणी संगम स्नान करवरकर उनका मन रख सकते थे लेकिन भाजपाइयों को अपनी शक्ति का घमंड है.
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अखिलेश ने यह भी कहा कि संतों का मन दुखी करके कोई भी सुख नहीं पा सकता कोई भी राजनीतिक पद संतों के मान से बड़ा नहीं हो सकता अखिलेश ने कहा कि बीजेपी सनातन की भी सही नहीं है यही नहीं बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए अखिलेश ने यह भी कहा कि हमारे महाकाव्य का भी यही मूलभूत संदेश है की घमंड के दंड से कभी भी कोई दुर्जन नहीं बच सकता.
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अखिलेश ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि भाजपा के दंभ ने अनादिकाल से चली आ रही सनातनी परंपरा को तोड़ दिया है और अब विश्व का सनातन समाज न सिर्फ इससे आहत है बल्कि अनिश्चित भाई से आशंकित भी है.
बीजेपी चाहती तो शंकराचार्य को त्रिवेणी संगम का स्नान करवा सकती थी
अखिलेश यादव ने यह भी कहा है कि बीजेपी और उसके संगी साथी चाहते तो सत्ता की हनक और अपने अहंकार को त्याग कर अपने कंधों पर उनकी पालकी उठाकर उन्हें त्रिवेणी संगम स्नान करवरकर उनका मन रख सकते थे लेकिन भाजपाइयों को अपनी शक्ति का घमंड है.
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अखिलेश ने यह भी कहा कि संतों का मन दुखी करके कोई भी सुख नहीं पा सकता कोई भी राजनीतिक पद संतों के मान से बड़ा नहीं हो सकता अखिलेश ने कहा कि बीजेपी सनातन की भी सही नहीं है यही नहीं बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए अखिलेश ने यह भी कहा कि हमारे महाकाव्य का भी यही मूलभूत संदेश है की घमंड के दंड से कभी भी कोई दुर्जन नहीं बच सकता.
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