अब ये है Mukhtar Ansari का नया ठ‍िकाना...लंबाई 7.5 फीट और चौड़ाई 3.5 फीट

Mukhtar Ansari Grave Details: डॉन मुख्तार अंसारी को आज सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इससे पहले उसकी कब्र से जुड़ी जानकारियां सामने आईं। गाजीपुर के काली बाग कब्रिस्तान में डॉन को दफनाया गया। इस दौरान कब्रिस्तान के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हजारों समर्थक जुटे, लेकिन सिर्फ परिवार वालों को अंदर जाने की इजाजत मिली।

Mukhtar Ansari Grave in Ghazipur Kali Bagh Graveyard

गाजीपुर के काली बाग कब्रिस्तान में मुख्तार अंसारी की कब्र खोदी गई है।

Mukhtar Ansari Grave Details: डॉन मुख्तार अंसारी को आज गाजीपुर में काली बाग स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गया। डॉन को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए बीते दिन दोपहर को ही कब्र तैयार कर ली गई थी, वहीं आज शुक्रवार की नमाज अदा करने के बाद उसे दफना दिया गया। कब्रिस्तान के व्यवस्थापक अफरोज अंसारी ने बताया कि मुख्तार अंसारी को दफनाने के लिए 7.5 फीट लम्बी, 3.5 फीट चौड़ी और 5 फीट गहरी कब्र खोदी गई थी।

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इस कब्र को हिन्दू मजदूरों गिरधारी, संजय और नगीना ने खोदा था। जहां मुख्तार अंसारी को दफनाया गया है, वह कब्रिस्तान अंसारी परिवार का पुश्तैनी कब्रिस्तान है। अंसारी परिवार के सभी सदस्यों को यहीं दफन किया जाता है। उसके दादा-परदादा और अम्मी-अब्बू कर कब्रें भी यहीं हैं। मुख्तार अंसारी की कब्र खोदने के लिए मजदूरों ने कोई पैसा नहीं लिया। मुख्तार अंसारी गरीबों के मसीहा हैं तो उनकी कब्र खोदने का मौका मिलने पर मजदूर आभार जता रहे हैं।

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कब्रिस्तान के बाहर पुलिस और धारा 144

बता दें कि आज मुख्तार अंसारी को सुपुर्द-ए-खाक करने हजारों लोग कब्रिस्तान उमड़े। डॉन का जनाजा निकालने से पहले नमाज अदा की गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इसके बाद जनाना कब्रिस्तान पहुंचा, लेकिन कब्रिस्तान के अंदर सिर्फ अंसारी परिवार के सदस्यों को जाने दिया गया। बाहर डॉन के समर्थक जुटे, जिन्हें कंट्रोल करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। डॉन के परिजनों ने भी लोगों से अपील की।

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हालांकि कब्रिस्तान के बाहर धारा 144 लागू थी, लेकिन डॉन के इतने समर्थक जुटे कि धारा 144 का नियम ध्वस्त हो गया। बीती रात करीब एक बजे मुख्तार अंसारी का पार्थिव शरीर बांदा मेडिकल कॉलेज से गाजीपुर के मुहम्मदाबाद युसुफपुर स्थित उसके घर फाटक में लाया गया। रातभर गांव के लोग और रिश्तेदार मुख्तार अंसारी के आखिरी दर्शन करने आते रहे। इस दौरान भी मुख्तार अंसारी के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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जेल में हुई थी मुख्तार अंसारी की मौत

बता दें कि गुरुवार दोपहर को बांदा जेल में मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ी थी। उल्टी लगने के बाद वह बेहोश हो गया था। उसे तुरंत बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में लाया गया, जहां प्राथमिक जांच में ही डॉन को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुख्तार अंसारी पिछले 19 साल से जेल में था। उसके बेटे ने जेल अधिकारियों पर मुख्तार अंसारी को धीमा जहर देकर मारने का आरोप लगाया, जिसकी न्यायिक जांच के लिए CJM गरिमा चौधरी के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है।

जांच टीम 30 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉन की मौत की वजह हार्ट अटैक बताया गया है। डॉन के जनाजे में उसका बेटा अब्बास अंसारी शामिल नहीं हो पाया, क्योंकि उसे पैरोल नहीं मिली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। वहीं डॉन की पत्नी अफशां अंसारी भी फरार है, जो पति के जनाजे में शामिल होने के लिए नहीं पहुंची। इस तरह देश के कुख्यात डॉन और उसके साम्राज्य का पतन हो गया।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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