सरफराज सैफी/ मुरादाबाद
मुरादाबाद के छजलैट ब्लॉक में एक बैठक के दौरान ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह और पूर्व विधायक राजेश कुमार सिंह उर्फ चुन्नूके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। दोनों ही भाजपा के नेता हैं, थोड़ी ही देर में मामूली कहासुनी मारपीट में बदल गई और दोनों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ कांठ ने बमुश्किल मामले को शांत कराया।
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
छजलैट ब्लॉक में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के आठ साल पूरे होने की खुशी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें राजपाल सिंह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस बैठक में सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा होनी थी। बैठक में क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान कांठ विधानसभा से पूर्व भाजपा विधायक राजेश कुमार सिंह चुन्नू भी बैठक में पहुंच गए। विकास कार्यों को लेकर ब्लॉक प्रमुख और पूर्व विधायक के बीच कहासुनी हो गई, जो बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गई और थप्पड़ों की बौछार होने लगी। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दो भाजपा नेताओं के बीच हुई इस घटना ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
बिना बुलाए आए थे पूर्व विधायक: राजपाल सिंह
छजलैट ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह ने बताया कि सरकार के आठ साल पूरे होने पर एक सरकारी कार्यक्रम ब्लॉक छजलैट सभागार में आयोजित किया गया था, जिसमें उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इसी दौरान अचानक से पूर्व विधायक राजेश कुमार सिंह चुन्नू भी वहां पहुंच गए। उन्होंने मुझे मुख्य अतिथि की कुर्सी पर बैठे देखा तो भड़क उठे और समाजवादी पार्टी का आदमी कहकर गालियां देने लगे। इसके बाद बैठक में मौजूद लोगों को बाहर निकलने के लिए कहने लगे। जब मैंने इसका विरोध किया तो वे अपने गुंडों के साथ मारपीट पर उतारू हो गए।
राजपाल सिंह ने आगे कहा, “इनका वहां आने का कोई मतलब नहीं था। ये सरकार की छवि खराब करने और अपनी दबंगई दिखाने के लिए आए थे। हमने हमेशा से इन्हें चुनाव लड़वाया है, लेकिन ये हमारा ही विरोध करते आए हैं। फिलहाल, जिलाध्यक्ष ने मना कर दिया है कि हम दोनों में से कोई भी इस मामले में कोई तहरीर न दे।”
हमें जिलाध्यक्ष ने मुख्य अतिथि बनाकर बैठक में भेजा: पूर्व विधायक राजेश कुमार सिंह
पूर्व विधायक राजेश कुमार सिंह ने अपनी सफाई में बताया कि सरकार के आठ साल पूरे होने पर ब्लॉक छजलैट में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें उन्हें जिलाध्यक्ष द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में भेजा गया था। जब वे पहुंचे तो देखा कि ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह पहले से ही मुख्य अतिथि की कुर्सी पर बैठे थे। उनसे इस बारे में पूछने पर उन्होंने खुद को “ब्लॉक का मालिक” बताया और हमारे साथ आईं महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष, जो अनुसूचित जाति से हैं, उन्हें मंच पर चढ़ने नहीं दिया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
सीओ कांठ अपेक्षा निंबाड़िया ने दी जानकारी
सीओ कांठ अपेक्षा निंबाड़िया ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि “दोनों भाजपा नेता हैं और किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई थी। हालांकि, किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।”
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