अंबेडकरनगर में वर्ष 2016 में हुए बहुत ही चर्चित मंशाराम हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख और माफिया के रूप में चर्चित अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस फैसले के बाद पूरे जिले में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है.
यह घटना साल 2016 में हुई थी, जब चुनावी रंजिश का लेकर मंशाराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों ने हत्या के पीछे राजनीतिक दुश्मनी का आरोप लगाया था. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और कई लोगों से पूछताछ की. जांच के दौरान साजिश और हत्या में अजय सिपाही सहित अन्य तीन आरोपियों की भूमिका सामने आई थी.
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मामला अदालत में पहुंचा, जहां अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में लगातार सुनवाई चली. अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और साक्ष्य प्रस्तुत किए. अदालत ने सभी तथ्यों और सबूतों पर विचार करने के बाद तीनों आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी पाया.
फैसला सुनते हुए अदालत ने कहा कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का है और समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करता है. इसलिए दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है. साथ 10–10हजार रुपए के जुर्माना भरने का भी दिया दण्ड. सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया.
इस फैसले को कानून व्यवस्था के लिए एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. वहां के लोगों का मानना है कि लंबे समय से चल रहे इस मामले में न्याय मिलने से पीड़ित परिवार को राहत मिली है. वहीं प्रशासन का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
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अंबेडकरनगर में वर्ष 2016 में हुए बहुत ही चर्चित मंशाराम हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख और माफिया के रूप में चर्चित अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस फैसले के बाद पूरे जिले में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है.
यह घटना साल 2016 में हुई थी, जब चुनावी रंजिश का लेकर मंशाराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों ने हत्या के पीछे राजनीतिक दुश्मनी का आरोप लगाया था. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और कई लोगों से पूछताछ की. जांच के दौरान साजिश और हत्या में अजय सिपाही सहित अन्य तीन आरोपियों की भूमिका सामने आई थी.
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फैसला सुनते हुए अदालत ने कहा कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का है और समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करता है. इसलिए दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है. साथ 10–10हजार रुपए के जुर्माना भरने का भी दिया दण्ड. सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया.
इस फैसले को कानून व्यवस्था के लिए एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. वहां के लोगों का मानना है कि लंबे समय से चल रहे इस मामले में न्याय मिलने से पीड़ित परिवार को राहत मिली है. वहीं प्रशासन का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
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