Lucknow Chinhat Custodial Death Case : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत पर जमकर सियासत हो रही है। इसे लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने योगी सरकार और पुलिस सिस्टम पर सवाल उठाए। इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लिया। मृतक की मां ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इंस्पेक्टर पर भी गाज गिरी।
जानें कस्टोडियल डेथ मामले में क्या हुआ एक्शन?
लखनऊ के चिनहट थाने में ही व्यापारी मोहित पाण्डेय की मौत हो गई। कस्टोडियल डेथ मामले में पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने रविवार को चिनहट थाने के इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने चिनहट थाने से इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार चतुर्वेदी को हटा दिया। उप निरीक्षक भरत कुमार पाठक को चिनहट थाने का नया इंस्पेक्टर बनाया गया। ये गाजीपुर थाने से चिनहट थाने आए हैं।
मोहित पाण्डेय की मां ने इंस्पेक्टर चिनहट समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर पुलिस सिस्टम पर सवाल उठाते हुए योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि थाने अत्याचार गृह बन गए। कस्टोडियल डेथ में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर जा रहा है। पहले अमन गौतम और अब एक और मौत।
मायावती ने सरकार पर बोला हमला
मायावती ने कहा कि यूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस हिरासत में व्यापारी मोहित पाण्डेय की कथित तौर पर हुई मौत की घटना पर परिवार एवं लोगों में रोष व आक्रोश व्याप्त होना स्वाभाविक। यह घटना अति-निंदनीय है। सरकार पीड़ित परिवार को न्याय देने के लिए प्रभावी कदम अवश्य उठाए। इसके अलावा यहां प्रदेश में महिलाओं पर भी आए दिन हो रही जुल्म-ज्यादती की घटनाएं अति-चिंतनीय हैं, जिन पर भी सरकार ऐसे अपराधियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करे, जो अत्यंत जरूरी है।
पिछले 15 दिनों में राजधानी में पुलिस कस्टडी में मौत का यह दूसरा मामला है। मोहित की मां का आरोप है कि मामूली विवाद पर पुलिस उसके बेटे मोहित पाण्डेय को लेकर चिनहट थाने गई। पुलिस कस्टडी में मोहित को जमकर पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।